
jaipur, 9 अक्टूबर . Rajasthan के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के संगसर गांव में संत बन्ननाथ के शव को दफनाए जाने के लगभग 50 घंटे बाद उनकी समाधि से निकाला गया.
उनकी हत्या की आशंका के मद्देनजर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया गया है. Police ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उप-मंडल मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की देखरेख में Thursday को चिकित्सा और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीमों की उपस्थिति में शव निकाला गया. पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता चलने की उम्मीद है.
Haryana के सिरसा जिले के धौलपालिया गांव के निवासी मोहनलाल के पुत्र हंसराज द्वारा दर्ज कराई गई Police शिकायत के अनुसार, उनके छोटे भाई बन्नानाथ ने 2004 में सांसारिक जीवन त्याग कर साधु बन गए थे. बताया जाता है कि वे पिछले दो वर्षों से रावतसर स्थित बालकनाथ के आश्रम में रह रहे थे. बन्नानाथ 30 सितंबर को संगसर गांव पहुंचे थे.
शिकायत के अनुसार, बालकनाथ ने 2 अक्टूबर को हंसराज को फोन किया और उन्हें सत्संग (आध्यात्मिक सभा) में शामिल होने के लिए कहा, जिसके बाद हंसराज 3 अक्टूबर को रावतसर गए. एक दिन बाद, 4 अक्टूबर को, हंसराज को पता चला कि बालकनाथ ने बन्नानाथ को संगसर गांव में बजरंगनाथ के साथ छोड़ दिया है और कथित तौर पर कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर उसे वापस ले आएंगे. शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद बन्नानाथ से संपर्क टूट गया.
हंसराज ने आरोप लगाया कि उनके भाई का बालकनाथ से विवाद हुआ था और उसे पीट-पीटकर मार डाला गया था. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने अपराध को छिपाने के प्रयास में किसी को सूचित किए बिना बन्ना नाथ को समाधि में दफना दिया. इन आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है.
Police ने बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूननाथ, लक्ष्मीनारायण और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और बन्नानाथ की मौत से संबंधित परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है.
सर्किल इंस्पेक्टर संदीप कुमार के नेतृत्व में एक Police टीम शव निकालने के दौरान घटनास्थल पर तैनात थी. अधिकारियों द्वारा प्रक्रिया पूरी किए जाने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए.
इस घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, ग्रामीणों ने सालसर रोड को जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग की.
Policeकर्मी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम हटाने को कहा. लगभग एक घंटे बाद यातायात बहाल हो गया. बन्नानाथ की मौत के कारण और परिस्थितियां पोस्टमार्टम और आगे की Police जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी.
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एमएस/
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