रांची आईआईआईटी में छात्र की मौत और संस्थान में सुविधाओं की जांच के लिए केंद्र सरकार ने बनाई कमेटी

New Delhi/रांची, 13 अक्टूबर . रांची स्थित आईआईआईटी में छात्र की मौत के बाद जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है. समिति यह पता लगाएगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और संस्थान में छात्रों की सुरक्षा, देखभाल और शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति क्या है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से Tuesday को जारी सूचना के अनुसार, जांच समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी करेंगी. इसमें एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य होंगे.

समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगी. साथ ही, वह संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी स्थिति का जायजा लेगी. छात्रों को मिलने वाली मदद, काउंसलिंग, मेंटरिंग और उनकी शिकायतें दूर करने की व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगी. समिति यह भी देखेगी कि संस्थान की व्यवस्था में कहां कमियां हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है. इसके लिए वह छात्रों, संस्थान के अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करेगी. जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों और दूसरे रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी.

समिति अपनी जांच के आधार पर छात्रों की बेहतरी और ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी. मंत्रालय ने कहा है कि संस्थान का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था भी की जा रही है. इसमें छात्रों के हितों और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा.

गौरतलब है कि ट्रिपल आईटी रांची में प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद छात्र-छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं. वे संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाने के साथ छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. छात्रों ने एंबुलेंस, ऑक्सीजन, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं. ट्रिपल आईटी रांची सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत स्थापित संस्थान है.

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एसएनसी/पीएम