रांची आईआईआईटी छात्र की मौत पर एनएचआरसी सख्त, प्रियांक कानूनगो बोले- सभी जिम्मेदारों को जारी करेंगे नोटिस

New Delhi, 11 अक्टूबर . रांची के आईआईआईटी में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के मामले में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया. एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है कि फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने फांसी लगा ली थी, जिसे क्लासमेट्स ने नीचे उतारा, लेकिन एम्बुलेंस देर से आने के कारण समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया जा सका.

नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि रांची के आईआईआईटीएम इंस्टीट्यूट में एक स्टूडेंट ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया है. जिस व्यक्ति ने हमें बताया, उसने बताया कि फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने फांसी लगा ली थी, लेकिन उसके क्लासमेट्स ने उसे फंदे से नीचे उतार लिया. फिर उसे हॉस्पिटल ले जाने में देर हो गई क्योंकि एम्बुलेंस देर से आई.”

उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स का कहना है कि उसकी मौत इसलिए हुई क्योंकि वह समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंच सका. हमें इस मामले में शिकायत मिली है और हम सभी जांच एजेंसियों और जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों को नोटिस भेज रहे हैं. हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि स्टूडेंट ने यह कदम क्यों उठाया, साथ ही एम्बुलेंस के आने में देरी के कारण और ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई.

दरअसल, Jharkhand की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के बाद Sunday को छात्रों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्था में सुधार और संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.

छात्रों ने खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग भी जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. Police और संस्थान के अधिकारी छात्रों को समझाने में जुटे रहे.

बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य Saturday रात अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से छात्र हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि हॉस्टल की व्यवस्था के लिए संस्थान के निदेशक जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

प्रदर्शन के बीच निदेशक राजीव श्रीवास्तव छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन इस दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश बढ़ गया. मौके पर सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा, खेलगांव थाना प्रभारी और अन्य Police अधिकारी मौजूद रहे. समाचार लिखे जाने तक छात्रों का हंगामा जारी है. रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच जारी है. फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और छात्र के रूममेट का बयान भी लिया गया है.

उन्होंने कहा कि छात्र की मौत और हॉस्टल की मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. Police मौत के कारणों की जांच कर रही है. एसएसपी ने प्रारंभिक तौर पर परीक्षा से जुड़े दबाव की आशंका भी जताई. संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आदित्य ने अगस्त में प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था और इन दिनों उसकी मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही थीं.

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डीकेपी