
Mumbai , 23 अक्टूबर . Actress रसिका दुग्गल का कहना है कि ‘लिटिल थॉमस’ जैसी फिल्में बच्चों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ऐसी कहानियां उन्हें अपने अनुभवों और भावनाओं से जोड़ने का अवसर देती हैं. फिल्म में वह जेसी मिरांडा के किरदार में नजर आ रही हैं.
Actress का कहना है कि इस तरह की कहानी बच्चों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सवाल पूछने, कल्पना करने और अपने आसपास की दुनिया को समझने पर आजादी देंगी. उन्होंने कहा, “सिनेमा आपकी दुनिया को बड़ा करने और कल्पना को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है. बड़े होने पर हमारे मन में जो कई विचार आते हैं, उनका कनेक्शन अक्सर बचपन में देखी गई फिल्मों से होता है.”
बच्चों के लिए अच्छी फिल्मों की जरूरत पर बात करते हुए रसिका ने कहा, “इसलिए हमें ऐसी फिल्मों की जरूरत है, जिनसे बच्चे खुद को जोड़ सकें. ऐसी फिल्में उनकी जिज्ञासा को नजरअंदाज करने के बजाय उसे अपनाएं.”
रसिका ने कहा कि बच्चों के लिए फिल्में बिना हल्की-फुल्की हुए भी मनोरंजक हो सकती हैं. एक्ट्रेस ने कहा, “इस तरह की फिल्में भी बच्चों का मनोरंजन कर सकती हैं. मैं चाहूंगी कि ज्यादा से ज्यादा फिल्ममेकर ऐसी कहानियों को एक्सप्लोर करें जिन्हें बच्चे एन्जॉय कर सकें और जो उनकी कल्पना के लिए नई संभावनाएं खोलें.”
कौशल ओझा द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1990 के दशक के गोवा में सात साल के थॉमस और उसके परिवार के जीवन के उतार-चढ़ाव को दिखाती है, जो मालगुडी डेज और रस्किन बॉन्ड की कहानियों की याद दिलाती है. फिल्म में गुलशन देवैया, रसिका दुग्गल और बाल कलाकार हृदांश पारेख मुख्य भूमिकाओं में हैं.
Actress रसिका दुग्गल फिल्म में थॉमस की मां ‘जेसी मिरांडा’ का किरदार निभा रही है. जेसी मिरांडा एक ऐसी मां हैं जिनकी दुनिया उनके परिवार, उनकी बेकरी और संगीत के प्रति उनके प्रेम के इर्द-गिर्द घूमती है.
फिल्म में दुनिया को एक बच्चे की नजर से देखने का प्रयास किया गया है, जहां बचपन की जिज्ञासाओं से जन्म लेने वाले सहज और अनपेक्षित बातचीत को प्रमुखता दी गई है. लिटिल थॉमस इसी दृष्टिकोण को पर्दे पर प्रस्तुत करती है. इसकी कहानी एक ऐसे पारिवारिक परिवेश के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक बच्चे के मासूम सवाल और उनके उत्तर जानने की उसकी जिद कई दिलचस्प परिस्थितियां पैदा करती है.
–
एनएस/एएस
Skip to content