रत्नागिरी के संगमेश्वर में कबाड़ के गोदाम में भीषण आग, 2 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान

रत्नागिरी, 12 अक्टूबर . Maharashtra के रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर में Monday देर रात एक कबाड़ के गोदाम में भीषण आग लग गई. आग में गोदाम में रखा बड़ी मात्रा में कबाड़ जलकर खाक हो गया.

शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास स्थित घरों और दुकानों को भी खतरा पैदा हो गया था. हालांकि, दमकलकर्मियों की मुस्तैदी से आग को फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया.

संगमेश्वर में मारुति मंदिर के सामने अमित पासवान का कबाड़ का गोदाम स्थित है. यहां आधी रात के बाद करीब दो बजे अचानक आग लग गई. गोदाम में बड़ी मात्रा में कबाड़ जमा होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया. आग की लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया.

आग बुझाने का अभियान रात 12:48 बजे शुरू हुआ. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवरुख की दमकल टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची. आग पर काबू पाने के लिए चिपलून नगर परिषद, रत्नागिरी एमआईडीसी और रत्नागिरी नगर परिषद की दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया.

गोदाम में ज्वलनशील सामग्री और कबाड़ की अधिक मात्रा होने के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. टीमों ने पूरी रात अभियान चलाया. लगातार प्रयासों के बाद सुबह करीब सात बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.

इस अभियान में दमकल विभाग के कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई. क्रू लीडर लिंगप्पा हलमानी के साथ सागर तलेकर, आकाश करंडे और अन्य दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए. उनकी तत्परता के चलते आग को आसपास के घरों और दुकानों तक फैलने से रोकने में सफलता मिली.

स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात यह रही कि दमकल टीमों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया. यदि आग आसपास की इमारतों तक फैल जाती, तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था.

फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है. घटना में हुए नुकसान का आधिकारिक आकलन भी अभी किया जाना बाकी है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम में रखा कबाड़ बड़े पैमाने पर जल गया है और नुकसान दो लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है. घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है. आग लगने के कारणों और वास्तविक नुकसान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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पीएम