रक्षाबंधन: मध्य प्रदेश के राज्यपाल और सीएम ने भाई-बहन के रिश्ते और महिलाओं के सम्मान पर दिया जोर

Bhopal , 28 अगस्त . Madhya Pradesh में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. इस मौके पर Governor मंगूभाई पटेल और Chief Minister मोहन यादव ने भाई-बहन के प्यार और भरोसे के पारंपरिक संदेश पर जोर दिया. साथ ही, उन्होंने इस त्योहार को पारिवारिक सद्भाव, सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण के मूल्यों से भी जोड़ा.

अपने संदेश में Governor पटेल ने कहा, “रक्षा बंधन भाई-बहनों के बीच गहरे रिश्ते का जश्न है. एक ऐसा रिश्ता जो प्यार, अपनापन और भरोसे पर टिका है और बचपन की मीठी यादों से लेकर जिंदगी के हर पड़ाव तक बना रहता है. मेरी दिली इच्छा है कि यह त्योहार आप सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और खुशहाली लाए.”

Governor ने इस त्योहार को India की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की अभिव्यक्ति बताया और लोगों से इससे जुड़े मूल्यों को बनाए रखने की अपील की. ​​उन्होंने नागरिकों से महिलाओं का सम्मान करने, उनका समर्थन करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने का भी आग्रह किया.

पारंपरिक रूप से बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मनाए जाने वाले इस त्योहार का भारतीय समाज में गहरा भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व है. रस्म से परे, यह देखभाल, सुरक्षा, प्यार और जिम्मेदारी पर आधारित रिश्ते का प्रतीक है.

वहीं, रक्षाबंधन के मौके पर अपने संदेश में Chief Minister यादव ने महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता पर खास जोर दिया और राज्य Government की ‘लाड़ली बहना योजना’ को आर्थिक मदद का एक अहम जरिया बताया.

Chief Minister ने कहा, “बहनों का सम्मान करना और उनकी गरिमा व आत्मनिर्भरता बनाए रखना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. हम ‘लाड़ली बहना योजना’ के जरिए बहनों के जीवन में खुशियां और आत्मविश्वास लाने के अपने संकल्प पर अडिग हैं.”

Chief Minister यादव ने बताया कि ‘लाड़ली बहना’ योजना के तहत अब तक महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 65,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि इस मदद को सिर्फ तत्काल आर्थिक मूल्य के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक आजादी बढ़ाने में भी योगदान देती है.

Chief Minister का संदेश रक्षाबंधन के भावनात्मक महत्व को महिलाओं के लिए ज्यादा अवसर और गरिमा पैदा करने के व्यापक उद्देश्य से जोड़ने की कोशिश करता है.

इस त्योहार का सांस्कृतिक और सामाजिक, दोनों तरह का संदेश है, राखी का पारंपरिक धागा न केवल भाई-बहन के बीच के निजी रिश्ते का प्रतीक है, बल्कि यह देखभाल, सम्मान और साझा ज़िम्मेदारी का भी संकल्प है.

ओपी/एएस