
New Delhi, 22 अक्टूबर . India में डबल ट्रैप शूटिंग में रंजन सोढ़ी का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है. पंजाब के इस दिग्गज निशानेबाज ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है.
रंजन सोढ़ी का जन्म 23 अक्टूबर 1979 को पंजाब के फिरोजपुर में हुआ था. एक निशानेबाज के रूप में रंजन सोढ़ी का करियर उपलब्धियों से भरा हुआ है. उन्होंने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में दो सिल्वर मेडल और 2010 के एशियन गेम्स में एक गोल्ड मेडल जीता था. 2011 में, वे वर्ल्ड कप टाइटल को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाले पहले भारतीय बने.
सोढ़ी ने 2010 के एशियन गेम्स (ग्वांगझू) में डबल ट्रैप में गोल्ड जीता था. वहीं, डबल ट्रैप टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. उन्होंने 2010 में लोनाटो (इटली) आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में डबल ट्रैप इवेंट में गोल्ड और 2011 में बीजिंग (चीन) में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सिल्वर जीता था. 2011 में ही मेरिबोर (स्लोवेनिया) में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सोढ़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 4 अक्टूबर 2011 को यूनाइटेड अरब अमीरात के अल ऐन में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सोढ़ी ने गोल्ड मेडल जीता था.
2011 में बीजिंग (चीन) में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सिल्वर जीतने के बाद उन्हें 2012 के लंदन ओलंपिक का कोटा हासिल हुआ था. उन्होंने डबल ट्रैप इवेंट के लिए क्वालीफाई किया था. हालांकि, वे ओलंपिक में मेडल जीतने में सफल नहीं रहे थे. सोढ़ी क्वालिफिकेशन में कुल 134 के स्कोर के साथ 11वें नंबर पर रहे. उन्होंने क्वालीफिकेशन स्टेज के पहले राउंड में कुल 48 पॉइंट्स बनाकर अच्छी शुरुआत की और तीन अन्य निशानेबाजों के साथ लिस्ट में टॉप पर रहे. लेकिन, वे अपने इस प्रदर्शन को अंत तक बरकरार नहीं रख सके.
रंजन सोढ़ी का निशानेबाजी के क्षेत्र में यादगार योगदान रहा है. इसी वजह से India Government ने उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया है.
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पीएके
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