योगी कैबिनेट में 22 प्रस्तावों को मंजूरी, शिक्षकों-कर्मचारियों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज

Lucknow, 27 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में पशुपालन को रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बनाने से लेकर शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने तक, Chief Minister योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में Tuesday को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में पेश किए गए सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें गाय पालन पर 50 फीसदी तक सब्सिडी, पशुओं के बीमा में सरकारी सहायता, नावों और स्टीमर के संचालन के लिए नियमावली, कंपनियों के विलय-विभाजन की प्रक्रिया आसान बनाने और मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं.

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 22 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी को स्वीकृति मिल गई. Government ने पशुधन क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने, जल परिवहन को व्यवस्थित करने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने पर विशेष जोर दिया. पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है. इसके बावजूद कम उत्पादकता और बाजार की अव्यवस्थित व्यवस्था जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. Government का उद्देश्य पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाकर किसानों की आय बढ़ाना है.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार स्टेट लाइवस्टॉक मिशन का गठन किया गया है. इसके तहत दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की नस्ल सुधारने और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा. कृत्रिम गर्भाधान के जरिए उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने और दूध उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य है. मंत्री के मुताबिक, गाय पालन को प्रोत्साहित करने के लिए Government 50 फीसदी तक सब्सिडी देगी. पशुओं के बीमा प्रीमियम का 85 फीसदी हिस्सा Government वहन करेगी, जबकि शेष 15 फीसदी राशि पशुपालक को देनी होगी. इसके अलावा गरीब परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 100 मुर्गियों के चूजे मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई. Government का मानना है कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को आय के अतिरिक्त साधन मिलेंगे. स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि प्रदेश में कंपनियों के विलय (मर्जर) और विभाजन (डी-मर्जर) की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

उन्होंने कहा कि अब तक इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण कंपनियों को विलय या विभाजन के दौरान स्टांप ड्यूटी को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. कई मामलों में कंपनी की संपत्ति के मूल्यांकन और सर्किल रेट के आधार पर शुल्क निर्धारित किए जाने को लेकर भी समस्याएं सामने आती थीं. मंत्री ने बताया कि प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराने के बाद केंद्र Government के पास भेजा जाएगा. केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इससे कंपनियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया में स्पष्टता आने और कारोबार को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. प्रदेश में नदियों के जरिए यातायात और परिवहन की संभावनाओं को विकसित करने के लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दी है.

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत यांत्रिक और गैर-यांत्रिक श्रेणी की नावों तथा स्टीमर का पंजीकरण किया जाएगा. नावों की यात्री क्षमता के आधार पर पंजीकरण शुल्क निर्धारित होगा. गैर-यांत्रिक नावों के लिए 50 रुपये पंजीकरण शुल्क प्रस्तावित है. उन्होंने बताया कि जल परिवहन को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा. इसके तहत दोनों का बीमा कराने की व्यवस्था की जाएगी. नावों का रिकॉर्ड तैयार करने और उनके संचालन की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा. Government की योजना गंगा, सरयू और घाघरा समेत 11 नदियों में जल परिवहन को बढ़ावा देने की है. इसके साथ ही काशी से हल्दिया तक जलमार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए किट उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है.

कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. इसके तहत माध्यमिक शिक्षा के विभिन्न विद्यालयों और बेसिक शिक्षा से जुड़े पात्र कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सकेगी. माध्यमिक शिक्षा के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, वित्तविहीन विद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है. कैबिनेट ने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, रक्षा मंत्रालय को 9.524 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी. इससे स्कूल के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा. प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया गया है. कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है. प्रस्ताव के अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका ऐसा व्यक्ति, जो सामान्य तौर पर संबंधित गांव में छह महीने या उससे अधिक समय से निवास कर रहा हो, पंचायत की मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पात्र होगा. अब तक अधिनियम में मतदाता की पात्रता से संबंधित प्रावधान को स्पष्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही थी.

कैबिनेट बैठक में हायर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने की जानकारी भी दी गई. कंपनी की ओर से ग्रेटर नोएडा में लगभग 12,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है. प्रस्तावित निवेश से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इसके अलावा झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों की क्षमता बढ़ाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. झांसी के परवई क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि ललितपुर में भी इसके लिए भूमि दी जाएगी. कैबिनेट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए आवास निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस परियोजना पर लगभग 543 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा.

–

विकेटी/एसके