
रायपुर, 14 सितंबर . छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा बताते हुए इसे भाजपा के घोषित एजेंडे का हिस्सा बताया. इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए. भारत-चीन संबंधों और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पीएलए की तैनाती में कमी की खबरों पर भी चौधरी ने केंद्र की कूटनीति की सराहना की.
अमित शाह के 2029 तक भाजपा शासित प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने के बयान पर ओपी चौधरी ने कहा कि शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से लागू करने के लिए जाने जाते हैं. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा ने यूसीसी को अपने घोषित एजेंडे और चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है. यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता की दिशा में आगे बढ़ना है.
उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी नहीं होने के कारण मुस्लिम समाज की महिलाओं को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उन्होंने संपत्ति में अधिकार, तीन तलाक और बहुविवाह जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग की महिलाओं को समान अधिकार मिलना जरूरी है. यूसीसी को लेकर आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति पर उठने वाली आशंकाओं को खारिज करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्षी ताकतों की ओर से इस संबंध में भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा. आदिवासी समुदाय को इस मुद्दे पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है. भाजपा यूसीसी को एक प्रगतिशील और समान अधिकारों वाले समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है. इसके माध्यम से महिलाओं को अधिक समान और उचित अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है.
ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों से जुड़े कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने के सवाल पर ओपी चौधरी ने भाजपा और विपक्ष के बीच Political दृष्टिकोण का अंतर बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा का सिद्धांत ‘नेशन फर्स्ट’ है, जबकि विपक्षी दलों पर उन्होंने ‘कुर्सी फर्स्ट’ की राजनीति करने का आरोप लगाया. आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. अमेरिका के साथ-साथ चीन, रूस, ब्राजील और India जैसे देशों की भूमिका वाले वैश्विक दक्षिण के उभरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया का पुराना द्विध्रुवीय ढांचा बदल रहा है. ऐसे समय में जब India किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका निभा रहा हो, तब देश के भीतर Political मतभेदों को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ना उचित नहीं है. विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर India के हित को प्राथमिकता देते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक साथ खड़ा होना चाहिए.
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में भारत-चीन सीमा पर पीएलए की तैनाती में कमी और दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेतों से जुड़े सवाल पर चौधरी ने केंद्र Government की कूटनीति का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में Prime Minister Narendra Modi अलग-अलग देशों के साथ India के Political और कूटनीतिक संबंधों को बेहतर दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. India की आर्थिक, सामरिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करते हुए 2047 तक विकसित India बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
चौधरी ने कहा कि चीन के साथ संबंधों में भी India ने नया आयाम लाने का प्रयास किया है. चीन के साथ संबंधों में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की परिस्थितियां सामने आ सकती हैं, इसलिए India को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा.
ओपी चौधरी ने कहा कि केंद्र Government की विदेश नीति में India के हित को प्राथमिकता दी जा रही है. आर्थिक, सामरिक और रक्षा क्षेत्र में देश को मजबूत बनाने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर India की भूमिका बढ़ाने का प्रयास जारी है. उन्होंने Prime Minister मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में India विभिन्न चुनौतियों के बीच अपनी कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. India को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप Government आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर आगे बढ़ रही है.
–
Skip to content