यूसीसी पर चिराग पासवान ने भाजपा से अलग रुख अपनाया, बोले- पहले ड्राफ्ट सार्वजनिक हो, फिर हो व्यापक चर्चा

Patna, 14 सितंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले सभी भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा के एक दिन बाद एनडीए सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और Union Minister चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर व्यापक परामर्श की मांग की है. उन्होंने कहा कि यूसीसी पर कोई भी फैसला लेने से पहले इसका मसौदा सार्वजनिक किया जाना चाहिए और सभी पक्षों से विस्तृत चर्चा होनी चाहिए.

चिराग पासवान ने Monday को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि India का सामाजिक ताना-बाना बेहद विविधतापूर्ण है. अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं, रीति-रिवाज और सामाजिक प्रथाएं हैं और संविधान भी इस विविधता को मान्यता देता है.

उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची, अनुच्छेद 371ए और 371जी समेत कई प्रावधान देश की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करते हैं. इसके अलावा अनुसूचित जनजातियों को विभिन्न कानूनों के तहत विशेष छूट भी दी गई है.

चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) समानता और विविधता दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है. इसलिए प्रस्तावित यूसीसी का मसौदा पहले सार्वजनिक किया जाए, उसके सभी हितधारकों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जाए और व्यापक विमर्श के बाद ही पार्टी अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी.

उन्होंने लिखा, “ड्राफ्ट सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का आकलन हो, व्यापक चर्चा हो और उसके बाद समीक्षा करके पार्टी अपना पक्ष रखेगी.”

चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूसीसी को लेकर एनडीए के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. जहां भाजपा अमित शाह की घोषणा का समर्थन कर रही है, वहीं गठबंधन के कुछ सहयोगी दल पहले विस्तृत चर्चा की बात कर रहे हैं.

इस बीच Jharkhand Government के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी यूसीसी पर सावधानी भरा रुख अपनाया. Patna एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस विषय पर बात कही है. Jharkhand Government इस मामले के सभी पहलुओं पर नजर रख रही है. राजनीति में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. हर पहलू की गंभीरता से समीक्षा करने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा.”

गौरतलब है कि Sunday को अमित शाह ने कहा था कि भाजपा नीत एनडीए की Government वाले 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू किया जाएगा. इसके बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति और एनडीए के भीतर बहस का केंद्र बन गया है.

डीएससी