
Lucknow, 14 सितंबर . भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने Monday को कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने लोहिया ट्रस्ट में बदलाव, Samajwadi Party की प्रस्तावित जिलावार घोषणापत्र रणनीति, Union Minister जयंत चौधरी से जुड़े बयान और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा. वहीं, उन्होंने भारतीय महिला टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी.
गृह मंत्री अमित शाह के 2027 तक 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के बयान पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रावधान करता है. Supreme Court ने भी अपने विभिन्न फैसलों में यूसीसी का उल्लेख किया है और भाजपा अपने चुनावी घोषणापत्रों में इसे Political प्रतिबद्धता के रूप में दोहराती रही है.
त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस दिशा में अलग-अलग स्तर पर पहल हुई है. उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां यूसीसी लागू किया गया, जबकि अन्य राज्यों में समितियां गठित करने और विधेयक लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि 2029 के Lok Sabha चुनाव से पहले भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में भी यूसीसी लागू करने की दिशा में काम होगा.
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष द्वारा मदरसों को लेकर किए गए दावों पर त्रिपाठी ने कहा कि कुछ मामलों में आतंकवाद या अतिवादी गतिविधियों से जुड़े लोगों के मदरसों से कथित संबंध सामने आए हैं. उन्होंने मदरसों की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठने की बात कही. जहां भी अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है, वहां कार्रवाई होनी चाहिए. भाजपा शासित राज्यों में ऐसे संस्थानों को चिन्हित करने, कार्रवाई करने और मदरसों को नियमित करने के प्रयास किए गए हैं. मदरसे धार्मिक शिक्षा के केंद्र हो सकते हैं, लेकिन यदि किसी संस्थान में कट्टरपंथ या अतिवादी विचारों को बढ़ावा देने की गतिविधियां हों तो यह गंभीर चिंता का विषय है.
Samajwadi Party की ओर से जिलावार घोषणापत्र तैयार करने की प्रस्तावित रणनीति पर राकेश त्रिपाठी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि सपा पहले भी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी राजनीति के आरोपों से घिरी रही है. पार्टी अब जिलावार घोषणापत्र के जरिए अपनी Political योजनाएं पेश करने की तैयारी कर रही है.
त्रिपाठी ने दावा किया कि भाजपा Government के दौरान अपराध से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई हुई है. अखिलेश यादव को पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों की भौगोलिक, सामाजिक और Political परिस्थितियों को समझने के बाद ही जिलावार नीति बनानी चाहिए. अखिलेश यादव के लिए पहले कुछ चुनिंदा जिले ही प्राथमिकता में रहे और पूरे प्रदेश के लिए उनकी कोई समेकित नीति नहीं रही. जिलों की अलग-अलग समस्याओं को समझे बिना प्रभावी घोषणापत्र तैयार करना मुश्किल होगा.
Union Minister जयंत चौधरी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वह कुछ बातें सार्वजनिक कर दें तो अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में खड़े नहीं हो पाएंगे, राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले दिनों अखिलेश यादव और सपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से जयंत चौधरी तथा जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणियों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नाराजगी है.
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से अखिलेश यादव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम तय करने के बाद उन्हें रद्द कर रहे हैं. त्रिपाठी ने कहा कि जयंत चौधरी चौधरी चरण सिंह की Political विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और मुलायम सिंह यादव ने भी चौधरी चरण सिंह से Political सीख ली थी. ऐसे में अखिलेश यादव को चौधरी चरण सिंह के परिवार के प्रति सम्मानजनक रुख रखना चाहिए.
अखिलेश यादव द्वारा लोहिया ट्रस्ट की कमान अपने हाथ में लेने पर त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया जीवनभर परिवारवादी राजनीति के विरोधी रहे. लोहिया के नाम पर बने ट्रस्ट पर अब सैफई परिवार का प्रभाव बढ़ गया है. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच हुए Political विवाद का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर किसी तरह के Political टकराव की स्थिति बन रही है.
त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं और अब लोहिया ट्रस्ट की अध्यक्षता भी उनके पास आ गई है. उन्होंने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव अपने परिवार के सदस्यों पर भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं.
ब्रिक्स सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी के तंज पर भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में शामिल देशों, सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श और India की मेजबानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय खाने के मेन्यू को Political मुद्दा बनाना कांग्रेस की वैचारिक कमजोरी को दर्शाता है. कांग्रेस शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच भी वोट बैंक की राजनीति तलाश रही है. ब्रिक्स India से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच था और ऐसे अवसरों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश के हितों पर बात होनी चाहिए.
भारतीय महिला टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर राकेश त्रिपाठी ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने इसे देशभक्ति की भावना से लिया गया निर्णय बताया और कहा कि पूरे देश में टीम की प्रशंसा हो रही है. उन्होंने Pakistan पर आतंकवाद को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से Pakistan की भूमिका को लेकर India का पक्ष दुनिया के सामने रखने में मदद मिली है.
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