यूपी विधानसभा चुनाव 2027: शामली जिले में पिछली बार नहीं खुला था भाजपा का खाता, सपा गठबंधन का रहा दबदबा

शामली, 28 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी प्रमुख Political दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से संभावित दावेदार जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए हैं और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटे हैं. इसी क्रम में शामली जिले का Political माहौल भी गर्म होने लगा है. जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर वर्ष 2022 के चुनाव में Samajwadi Party (सपा) गठबंधन का वर्चस्व रहा था.

उत्तर प्रदेश का शामली जिला अपनी समृद्ध कृषि, ऐतिहासिक महत्व और विशिष्ट उद्योगों के लिए जाना जाता है. शामली गंगा-यमुना दोआब के अत्यंत उपजाऊ क्षेत्र में स्थित है. यहां बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है और चीनी मिलें हैं. इस वजह से इसे उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख गन्ना और चीनी उत्पादक क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. यहां गुड़ का भी बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है.

पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में कुरुक्षेत्र युद्ध में हस्तिनापुर से जाते समय श्रीकृष्ण ने हनुमान धाम में विश्राम किया था एवं पुराने कुएं का शीतल जल ग्रहण किया था. कुछ कथाओं के अनुसार, यह नगर कुन्तीपुत्र भीमसेन के द्वारा बसाया गया था.

2022 के चुनाव में Samajwadi Party और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने मिलकर चुनाव लड़ा था. ऐसे में शामली जिले की तीनों सीटों में से दो पर रालोद और एक पर सपा जीती थी. हालांकि, अब सपा और रालोद का गठबंधन खत्म हो गया है. जिले की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे.

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी के प्रसन्न कुमार चौधरी ने 103,070 वोट पाकर जीत दर्ज की थी. वहीं, भाजपा के तेजेंद्र निरवाल 95,963 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे. बसपा के बिजेंद्र मलिक को 8,183 वोट मिले थे और इस सीट पर 67.62 फीसदी मतदान हुआ था.

कैराना विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार Samajwadi Party से नाहिद हसन विधायक हैं. 2022 के चुनाव में नाहिद हसन ने भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 25,887 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की, जबकि बसपा प्रत्याशी राजेंद्र तीसरे नंबर पर रहे थे. इस सीट पर 75.04 फीसदी मतदान हुआ था.

थानाभवन विधानसभा सीट 2022 के चुनाव में सपा और रालोद गठबंधन की झोली में गई थी. रालोद उम्मीदवार अशरफ अली खान ने 103,751 वोट पाकर जीत दर्ज की थी. वहीं, भाजपा उम्मीदवार सुरेश राणा को 92,945, बसपा उम्मीदवार को 11,039 और निर्दलीय उम्मीदवार शेरपाल सिंह को 39,755 वोट मिले थे. इस सीट पर कुल 66.87 फीसदी मतदान हुआ था.

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ओपी/एएस