
New Delhi, 30 अक्टूबर . पूर्वांचल के अहम जिलों में शामिल महराजगंज की पांच विधानसभा सीट-फरेंदा, नौतनवा, सिसवा, महराजगंज (सुरक्षित) और पनियरा, हर चुनाव में Political दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहती हैं. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की पांच में से चार सीटों पर भाजपा गठबंधन ने जीत दर्ज की, जबकि एकमात्र फरेंदा सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया.
फरेंदा सीट जिले की सबसे दिलचस्प सीटों में मानी जाती है. 2022 में कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी ने भाजपा से यह सीट छीन ली, जबकि इससे पहले भाजपा के बजरंग बहादुर सिंह यहां मजबूत स्थिति में थे. 2022 का मुकाबला पूरे जिले की सबसे करीबी लड़ाइयों में शामिल रहा. फरेंदा सीट पर वीरेंद्र चौधरी ने भाजपा के बजरंग बहादुर सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में 1,246 वोटों से हराया था. वीरेंद्र चौधरी को 85,181 वोट मिले, जबकि बजरंग बहादुर सिंह को 83,935 वोट प्राप्त हुए. बसपा के ईशू चौरसिया 21,665 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
अगर इन सीटों के Political इतिहास पर नजर डालें तो नौतनवा सीट ने पिछले तीन चुनावों में अलग-अलग Political रुझान दिखाए हैं. वर्ष 2012 में कांग्रेस के कौशल किशोर जीते, 2017 में निर्दलीय अमन मणि त्रिपाठी विजयी रहे और 2022 में निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी ने कब्जा जमाया.
2022 में नौतनवा विधानसभा सीट पर भाजपा गठबंधन की सहयोगी निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी ने जीत हासिल की. उन्हें 90,263 वोट मिले, जबकि Samajwadi Party के कुंवर कौशल सिंह को 74,932 वोट प्राप्त हुए. बसपा के अमन मणि त्रिपाठी 46,128 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे. जीत का अंतर 15,331 वोट रहा.
सिसवा सीट पर 2017 और 2022 दोनों चुनावों में भाजपा के प्रेमसागर पटेल ने जीत दर्ज कर अपना मजबूत जनाधार साबित किया, जबकि 2012 में यहां Samajwadi Party का कब्जा था. 2022 के चुनाव में सिसवा सीट पर भाजपा के प्रेमसागर पटेल ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए 1,27,673 वोट हासिल किए. Samajwadi Party के सुशील कुमार तिबड़ेवाल को 64,942 वोट मिले, जबकि बसपा के धीरेंद्र प्रताप सिंह 33,498 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे. भाजपा उम्मीदवार ने 62 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी.
महराजगंज सदर (एससी) सीट पर 2012 में Samajwadi Party, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा ने लगातार जीत दर्ज की. वर्तमान विधायक जय मंगल कनौजिया लगातार दूसरी बार सदन पहुंचे हैं. 2022 में महराजगंज सदर (आरक्षित) सीट पर भाजपा के जय मंगल कनौजिया ने 1,36,071 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. निर्दलीय उम्मीदवार निर्मेश मंगल 59,168 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि गीता रत्ना को 22,395 वोट मिले. यहां भाजपा को 76 हजार से अधिक वोटों की बड़ी बढ़त मिली थी.
पनियरा सीट का इतिहास भी दिलचस्प रहा है. 2007 और 2012 में बसपा का प्रभाव रहा, लेकिन 2017 और 2022 में भाजपा के ज्ञानेंद्र सिंह ने लगातार जीत हासिल कर सीट को भाजपा का गढ़ बना दिया. 2022 में इस क्षेत्र में भाजपा के ज्ञानेंद्र सिंह ने 1,35,463 वोट प्राप्त कर Samajwadi Party के कृष्णभान सिंह को 61,428 वोटों से पराजित किया. बसपा के ओमप्रकाश चौरसिया 34,829 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
माना जाता है कि महराजगंज जिले में जातीय समीकरण चुनावी परिणामों पर गहरा असर डालते हैं. पनियरा और सिसवा में सैंथवार (कुर्मी) समुदाय प्रभावशाली माना जाता है. नौतनवा में निषाद, मछुआरा और अन्य अति पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाते हैं. फरेंदा में ब्राह्मण, ठाकुर और मुस्लिम मतदाता महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जबकि महराजगंज सदर (आरक्षित) सीट पर दलित वोट बैंक चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाता है.
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एएमटी/
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