
Lucknow, 6 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया Tuesday को नए मोड़ पर पहुंच गई. भारतीय जनता पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने Tuesday को नामांकन दाखिल कर दिया, जबकि Samajwadi Party ने तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है. इसके साथ ही भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है. भाजपा के आठों प्रत्याशी Tuesday को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. इसके बाद सभी प्रत्याशी विधानसभा पहुंचे और नामांकन दाखिल किया.
इस दौरान Chief Minister योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद रहे. नामांकन प्रक्रिया में सबसे पहले धर्मपाल सिंह ने पर्चा दाखिल किया, जबकि सबसे आखिर में Jharkhand के Governor संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार ने नामांकन किया. बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और गोपीकृष्ण पांडेय ने नामांकन के दौरान Chief Minister योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया.
भाजपा ने Monday को राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे. इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपीकृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं. नामांकन के दौरान भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है और वह पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में मिली इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया.
भाजपा प्रत्याशी प्रकाश पाल ने कहा कि पार्टी ने उनके जैसे सामान्य कार्यकर्ता और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष को राज्यसभा भेजकर पिछड़े वर्गों में उत्साह पैदा किया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक निष्ठा के साथ काम करने वाले कार्यकर्ता के लिए भाजपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मौजूद है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे करके भी दिखाती है. उन्होंने कहा कि पार्टी के आठों प्रत्याशी कार्यकर्ता हैं और सभी मिलकर उनके नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया.
उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों के लक्ष्य वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जब अखिलेश यादव सभी 403 सीटों का लक्ष्य तय करते हैं तो 100 तक पहुंचते-पहुंचते उनकी साइकिल डगमगाने लगती है. उन्होंने दावा किया कि इस बार 50 सीटें पार करते ही सपा की साइकिल की चेन उतर जाएगी और साइकिल पंक्चर हो जाएगी. मौर्य ने कहा कि Samajwadi Party और उसके सहयोगियों को भाजपा की ताकत का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तीसरा राज्यसभा उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया. भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को अवसर दिया है.
उपChief Minister ब्रजेश पाठक ने कहा कि Samajwadi Party पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और जब भी उसे अपनी हार का ठीकरा किसी पर फोड़ना होता है तो वह संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने लगती है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2027 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी. उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Tuesday सुबह social media मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है.”
सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनंजय परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं. सपा पहले तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी में थी, लेकिन अखिलेश यादव के तीसरे प्रत्याशी नहीं उतारने के फैसले के बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की स्थिति समाप्त हो गई. दरअसल, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भाजपा ने आठ और सपा ने दो उम्मीदवार उतारे हैं.
उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण अब किसी अतिरिक्त प्रत्याशी के मैदान में नहीं आने पर सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता खुल गया है. हालांकि इसके लिए नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. यदि किसी अन्य प्रत्याशी की ओर से नामांकन नहीं किया जाता है और सभी नामांकन वैध पाए जाते हैं, तो मतदान की आवश्यकता नहीं होगी.
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विकेटी/पीएम
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