
New Delhi, 29 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में बस्ती जिले की पांच विधानसभा सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था. भाजपा ने हर्रैया सहित दो सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सपा ने कप्तानगंज और रुधौली सहित दो सीटों पर विजय दर्ज की. वहीं, महादेवा सीट सुभासपा के खाते में गई. चुनाव में स्थानीय विकास, रोजगार, किसान समस्याएं, कानून-व्यवस्था और जातीय समीकरण जैसे मुद्दों की अहम भूमिका रही थी.
बस्ती सदर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में Samajwadi Party के उम्मीदवार महेंद्र नाथ यादव ने जीत हासिल की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दयाराम चौधरी को हराकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई. इस सीट पर सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था.
चुनाव के दौरान क्षेत्र में विकास कार्य, रोजगार, स्थानीय समस्याएं, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे. दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने चुनावी मुद्दों के आधार पर मतदाताओं को साधने की कोशिश की. अंततः महेंद्र नाथ यादव को जीत मिली और दयाराम चौधरी को हार का सामना करना पड़ा.
हर्रैया विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अजय सिंह ने वर्ष 2022 के चुनाव में जीत दर्ज की थी. उन्होंने Samajwadi Party के प्रत्याशी त्रयंबक नाथ को हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा. चुनाव में कांग्रेस की लबोनी सिंह और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राजकिशोर सिंह भी मैदान में थे, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर सके.
चुनावी आंकड़ों के अनुसार, अजय सिंह को लगभग 88,200 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी त्रयंबक नाथ को 69,871 मत प्राप्त हुए. इस तरह अजय सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की.
हर्रैया सीट पर राजकिशोर सिंह का भी Political प्रभाव रहा है. वह वर्ष 2002 से 2012 तक इस क्षेत्र के विधायक रहे थे. हालांकि, वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अजय सिंह ने उन्हें पराजित कर दिया था. इसके बाद अजय सिंह ने 2022 में भी अपनी जीत बरकरार रखी. लगातार दूसरी जीत के साथ उन्होंने हर्रैया में भाजपा की Political स्थिति मजबूत की.
कप्तानगंज विधानसभा सीट पर Samajwadi Party के उम्मीदवार कविंद्र चौधरी ने जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी चंद्र प्रकाश शुक्ला को हराकर यह सीट सपा के खाते में पहुंचाई. चुनाव में कांग्रेस के अंबिका सिंह और बसपा के जहीर अहमद भी अपनी किस्मत आजमा रहे थे.
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कविंद्र चौधरी को कुल 94,273 वोट मिले, जबकि भाजपा के चंद्र प्रकाश शुक्ला को 70,094 मत प्राप्त हुए. बसपा प्रत्याशी जहीर अहमद 40,381 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
कप्तानगंज विधानसभा सीट का Political इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है. इस सीट का प्रतिनिधित्व अलग-अलग समय पर राम लखन सिंह, राम मिलन सिंह, अंबिका सिंह, राना कृष्ण किंकर सिंह और राम प्रसाद चौधरी जैसे नेताओं ने किया. यहां समय-समय पर Political बदलाव देखने को मिलते रहे हैं. वर्ष 2022 में सपा की जीत ने इस सीट पर पार्टी की स्थिति को मजबूत किया.
महादेवा विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार दूधराम विजयी हुए. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रवि कुमार सोनकर को हराकर जीत हासिल की. बसपा के लक्ष्मी चंद्र खरवार तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के बृजेश आर्या को भी हार का सामना करना पड़ा.
महादेवा सीट पर जातीय समीकरण चुनावी राजनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है. यहां अनुसूचित जाति के मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत है. इसके बाद कुर्मी मतदाता करीब 17 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाता लगभग 11 प्रतिशत हैं. यादव मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत, ब्राह्मणों की लगभग 6 प्रतिशत, क्षत्रियों की करीब 5 प्रतिशत और निषाद मतदाताओं की लगभग 4 प्रतिशत बताई जाती है. शेष मतदाता अन्य समुदायों से आते हैं.
रुधौली विधानसभा सीट पर Samajwadi Party के प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा की संगीता देवी को पराजित किया. इस सीट पर कांग्रेस के बसंत चौधरी और बसपा के अशोक कुमार भी चुनाव मैदान में थे, जिन्हें संगीता प्रताप जायसवाल के नाम से भी जाना जाता है.
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र प्रसाद चौधरी को कुल 86,360 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी संगीता देवी को 71,134 मत प्राप्त हुए. वहीं, बसपा के अशोक कुमार को 37,618 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे. रुधौली में सपा की जीत ने जिले में पार्टी की स्थिति को मजबूत किया. इस परिणाम के साथ सपा ने बस्ती जिले की पांच विधानसभा सीटों में से दो पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा को भी दो सीटों पर सफलता मिली.
–
Skip to content