
Lucknow, 14 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले Samajwadi Party (सपा) से बगावत करने वाले तीन विधायकों ने Wednesday को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता ग्रहण कर ली. इनमें अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं. तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की सियासत में चुनाव से पहले दलों के बीच Political गतिविधियां तेज होने के संकेत मिले हैं.
अमेठी के गौरीगंज में जामो रोड स्थित राकेश प्रताप सिंह के आवास मंगलम पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने तीनों विधायकों को सदस्यता दिलाई. इस दौरान उन्हें भगवा पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया गया. कार्यक्रम में प्रदेश Government के मंत्री दारा सिंह चौहान, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे. तीनों विधायकों ने भाजपा के टोल फ्री नंबर पर फोन कर पार्टी की औपचारिक सदस्यता भी ग्रहण की.
भाजपा में शामिल होने के बाद राकेश प्रताप सिंह ने अपने समर्थकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उनका समर्थन किया और भाजपा की सदस्यता लेने का अनुरोध किया. उनके मुताबिक, समर्थकों ने भरोसा दिलाया है कि वे उनके साथ हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में बूथ स्तर पर सक्रिय रहने वाले करीब 98 प्रतिशत लोग Samajwadi Party छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे. राकेश प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि उनके साथ बड़ी संख्या में वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि भी भाजपा का दामन थामेंगे.
इससे पहले उन्होंने करीब 700 ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के उनके साथ भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई थी. उन्होंने लगभग एक हजार वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के जुड़ने का भी दावा किया. हालांकि, इन दावों के अनुरूप कितने लोग वास्तव में भाजपा में शामिल हुए, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह वर्ष 2012 में पहली बार सपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की.
लगातार तीन चुनाव जीतने वाले राकेश प्रताप सिंह की सपा नेतृत्व से दूरियां पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती गईं. वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने सपा के रुख से अलग भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था. इसके बाद जून 2025 में सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. रामचरितमानस और अन्य धार्मिक विषयों पर विवाद के दौरान भी राकेश प्रताप सिंह ने पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपनाया था. वर्ष 2024 के Lok Sabha चुनाव में उन्होंने अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के पक्ष में प्रचार भी किया था. अब भाजपा की औपचारिक सदस्यता ग्रहण करने के साथ उन्होंने अपने Political भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. उनके परिवार के कुछ सदस्य भी इससे पहले भाजपा में शामिल हो चुके हैं.
तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. खासकर गौरीगंज में राकेश प्रताप सिंह के व्यक्तिगत जनाधार और उनके साथ आने वाले स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर नजर रहेगी. भाजपा के लिए इन नेताओं के Political प्रभाव को संगठन के साथ जोड़ना और स्थानीय स्तर पर पुराने कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाना अहम होगा.
वहीं, सपा के सामने अपने पुराने समर्थकों को बनाए रखने और विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की चुनौती रहेगी. हालांकि, तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने का आगामी चुनावों पर कितना असर पड़ेगा, यह उनके समर्थकों की वास्तविक भागीदारी, स्थानीय संगठन की स्थिति और चुनाव के दौरान बनने वाले Political समीकरणों पर निर्भर करेगा.
–
विकेटी/पीएम
Skip to content