
गाजियाबाद, 12 सितंबर . भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा में टिकट कटने की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पार्टी की टिकट चयन प्रक्रिया का बचाव किया. उन्होंने कहा कि भाजपा में टिकट देने का फैसला सर्वे और उम्मीदवार के कामकाज के आधार पर होता है. इसके साथ ही उन्होंने आजम खान से मुकदमे वापस लेने संबंधी अखिलेश यादव के बयान को लेकर भी सपा पर तीखा हमला बोला और कई गंभीर Political आरोप लगाए.
भाजपा विधायकों के टिकट कटने संबंधी अखिलेश यादव के बयान पर नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि भाजपा के टिकट को लेकर अखिलेश यादव को चिंता करने की जरूरत नहीं है. पार्टी में उम्मीदवारों के कामकाज का सर्वे कराया जाता है और अच्छा काम करने वाले विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया जाता है. यदि कोई विधायक जनता के लिए काम नहीं कर रहा है तो उसका टिकट क्यों बरकरार रखा जाए. भाजपा में उम्मीदवार चयन का आधार सुशासन और प्रदर्शन है. उन्होंने सपा की टिकट प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां उम्मीदवार चयन में अलग तरह के मानदंड अपनाए जाते हैं.
भाजपा विधायक ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीत सकती है. उन्होंने अखिलेश यादव के Political प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष को भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उनके आक्रामक तेवरों पर भी गुर्जर ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को अखिलेश यादव से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके मुताबिक सपा Government के फैसलों और Political रुख के कारण पार्टी को नुकसान हुआ. गुर्जर ने अखिलेश यादव पर Political रूप से परेशान होने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 से सपा सत्ता से बाहर है. साथ ही, यह भी दावा किया कि 2027 के चुनाव में भी सपा को बड़ी सफलता नहीं मिलेगी.
अखिलेश यादव के सत्ता में आने पर आजम खान से जुड़े मुकदमों को वापस लेने संबंधी बयान पर नंद किशोर गुर्जर ने सपा की नीति पर सवाल उठाए. भाजपा विधायक ने कहा कि आजम खान के खिलाफ चल रहे मामलों का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप हैं तो जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही फैसला होना चाहिए. सपा Government के दौरान कुछ मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया. सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि सपा Government के दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक मामलों में Government का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा.
गुर्जर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदि वह पिछड़े और दलित समाज के हितों की बात करते हैं तो अलग-अलग आपराधिक घटनाओं और पीड़ित परिवारों के मामलों में उनकी प्रतिक्रिया समान क्यों नहीं रही. वहीं, भाजपा Government की Police कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ Government ने अपराध के मामलों में कार्रवाई की है और पीड़ित परिवारों की मदद भी की है. वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने कुछ मामलों में पीड़ितों के समर्थन में पर्याप्त आवाज नहीं उठाई.
नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब Political दलों के दावों और उनके पुराने फैसलों को समझती है. social media के दौर में लोग नेताओं के पुराने बयान और Political फैसलों को भी याद रखते हैं. सपा की राजनीति अब जनता के बीच प्रभाव खो रही है और आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिलेगा. भाजपा का जोर कानून-व्यवस्था, विकास और सुशासन पर है, जबकि उनके मुताबिक सपा को अपने Political रुख और नेतृत्व को लेकर आत्ममंथन करने की जरूरत है. भाजपा विधायक दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी और पार्टी 350 से अधिक सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकती है.
–
Skip to content