
New Delhi, 28 सितंबर . BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने यूपीआई चार्ज पर Supreme Court के नोटिस, चुनाव आयोग को लेकर Union Minister जेपी नड्डा की टिप्पणी, कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक और एसआईआर व चुनावी मुद्दों पर प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक पर टिप्पणी की. उन्होंने विपक्ष की रणनीति और इंडिया ब्लॉक के बीच आपसी मतभेदों पर भी सवाल उठाए.
यूपीआई चार्ज को लेकर Supreme Court की ओर से केंद्र Government से जवाब मांगे जाने पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र Government ने यूपीआई चार्ज लागू करने के पीछे स्पष्ट आधार रखा है. जिस तरह साइबर थ्रेट लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत और सुरक्षित बनाना जरूरी है. Supreme Court ने केंद्र Government से जवाब मांगा है और उन्हें विश्वास है कि Government की ओर से दिया जाने वाला जवाब Supreme Court को संतुष्ट करेगा.
चुनाव आयोग को लेकर Union Minister जेपी नड्डा की विपक्ष पर देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश के आरोप वाली टिप्पणी पर खंडेलवाल ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष लंबे समय से सत्ता से बाहर है और सत्ता में लौटने की बेचैनी के कारण लगातार नए मुद्दे तलाश रहा है. पिछले एक-दो साल के रिकॉर्ड को देखा जाए तो विपक्ष ने शायद ही किसी मुद्दे को विवाद में बदलने से छोड़ा हो.
उन्होंने विपक्षी नेताओं को Political रूप से बेरोजगार बताते हुए आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य मुद्दों को विवाद बनाकर देश को भ्रमित रखना रह गया है. उन्होंने कहा कि रचनात्मक विपक्ष की भूमिका के बजाय विपक्ष का रवैया बदल गया है और इसी वजह से उसकी विश्वसनीयता कम हुई है.
चुनाव आयोग विवाद को लेकर कांग्रेस द्वारा सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाए जाने पर खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस उन्हीं पुराने मुद्दों पर अपना नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है. बैठक में भी पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेता जो बातें कह रहे हैं, वही दोहराई जाएंगी. उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसी बैठकों का कोई औचित्य नहीं मानते, हालांकि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और पार्टी कोई भी बैठक कर सकती है.
एसआईआर व चुनावी मुद्दों पर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक को लेकर खंडेलवाल ने कहा कि पहले इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक होगी और फिर उन्हें इंडिया ब्लॉक की बैठक में दोहराया जाएगा. उन्होंने इंडिया ब्लॉक के अस्तित्व और उसमें शामिल दलों के बीच तालमेल पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते हैं. पंजाब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ बोल रहे हैं.
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