
New Delhi, 5 अक्टूबर . यूक्रेन के सुमी में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी कुसुम हेल्थकेयर की विनिर्माण इकाई पर ड्रोन हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई और कई घायल हो गए. कंपनी ने एक बयान जारी कर इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि उसके जीवनरक्षक दवाओं के उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया जाना ठीक नहीं है.
कुसुम हेल्थकेयर के मुताबिक, “4 अक्टूबर को हुए ड्रोन हमले में सुमी स्थित उसकी अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा. हमले में एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. राहत और स्थिति का आकलन करने का काम जारी है तथा नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 5 करोड़ डॉलर से अधिक है.”
कंपनी ने इस घटना को अप्रैल 2025 में यूक्रेन में उसके एक गोदाम पर हुए हमले के बाद दूसरी बड़ी घटना बताया है. उसके अनुसार, “14 अप्रैल 2025 को भी रूसी ड्रोन हमले में उसका यूक्रेनी गोदाम नष्ट हो गया था. उस हमले से उसे एक अरब यूक्रेनी रिव्निया से अधिक का नुकसान हुआ था.”
कुसुम हेल्थकेयर ने कहा कि वह India से संचालित अपनी विनिर्माण इकाइयों के जरिए 22 देशों को दवाओं का निर्यात करती है और यूक्रेन में भी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति करती है. कंपनी ने कहा कि सुमी स्थित संयंत्र का काम लोगों के लिए जरूरी दवाओं का निर्माण करना था और युद्ध के बीच इस तरह की घटना का असर कर्मचारियों के साथ-साथ मरीजों पर भी पड़ता है.
कुसुम ने India Government से भी इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है. कंपनी का कहना है, ठउसने भारतीय फार्मास्युटिकल मंचों के माध्यम से Government के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं और युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए राजनयिक स्तर पर कदम उठाने का आग्रह किया है.”
कंपनी के अनुसार, उसके भारतीय परिचालन में Rajasthan के भिवाड़ी में दो और Madhya Pradesh के इंदौर स्थित पीथमपुर एसईजेड में एक विनिर्माण इकाई शामिल है. यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच कंपनी को अपने कारोबार और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
कुसुम हेल्थकेयर ने कहा कि भारतीय प्रबंधन घटना के बाद स्थिति की समीक्षा कर रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है. कंपनी के मुताबिक, मौजूदा नुकसान 5 करोड़ डॉलर से अधिक पहुंचने का अनुमान है.
सुमी यूक्रेन के उत्तर-पूर्व में रूस की सीमा के करीब स्थित है और युद्ध के दौरान यहां लगातार रूसी हमलों की खबरें आती रही हैं. ऐसे में वहां काम कर रही कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित कर्मचारियों की सुरक्षा और घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है. साथ ही, वह अपने उत्पादन और दवाओं की आपूर्ति पर पड़े असर का भी आकलन कर रही है.
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केआर/
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