
संयुक्त राष्ट्र, 25 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Friday को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के साइबर अपराध कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए. इस वैश्विक संधि का उद्देश्य दुनिया भर में साइबर अपराधों से निपटने के लिए देशों की क्षमता बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लटेफॉर्म एक्स पर कहा, “यह कन्वेंशन सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करता है.”
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह साइबर अपराध पर पहली व्यापक वैश्विक संधि है, जो सदस्य देशों को साइबर अपराधों की रोकथाम और उनसे मुकाबला करने के लिए कानूनी और तकनीकी उपायों का ढांचा प्रदान करती है.
यह संधि गंभीर अपराधों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आदान-प्रदान में देशों के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगी. साथ ही, साइबर अपराध से अर्जित अवैध आय की बरामदगी और सीमा-पार जांच में सहयोग का भी प्रावधान किया गया है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस संधि को वर्ष 2024 में अपनाया था. 40 सदस्य देशों के हस्ताक्षर का आवश्यक आंकड़ा पूरा होने के बाद यह पिछले वर्ष लागू हो गई. पिछले वर्ष के अंत तक 93 देशों ने इस कन्वेंशन पर हस्ताक्षर कर दिए थे.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह कन्वेंशन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप के अनुरूप पारंपरिक आपराधिक जांच पद्धतियों को आधुनिक बनाने में मदद करेगा. इसका उद्देश्य उन चुनौतियों से निPatna है, जहां साइबर अपराधी कानूनी और भौगोलिक सीमाओं से परे काम करते हैं, जबकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को विभिन्न देशों के अधिकार क्षेत्र का पालन करना पड़ता है.
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डीएससी
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