‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता’, सीजेपी के प्रदर्शन के लिए ट्रेनें रद्द होने पर बोले चिराग पासवान

सोनीपत, 9 अक्टूबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने Friday को कहा कि ट्रेनें रद्द कर देने या यातायात के साधनों को रोक देने से देश के युवाओं को नहीं रोका जा सकता.

चिराग पासवान ने यह बात उस समय कही, जब भारतीय रेलवे ने 10 अक्टूबर को New Delhi और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कई ट्रेनों को रद्द और पुनर्निर्धारित कर दिया. राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के कारण रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया.

Haryana के कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, “ये India के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता.”

उन्होंने कहा, “जो लोग इस तरह की गलतफहमियां फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, कोई कितनी ट्रेनें रोक सकता है? कितनी कनेक्टिविटी रोक सकता है? कितनी सड़कें बंद कर सकता है? ये India के युवा हैं. इनके पास दुनिया को नई दिशा दिखाने की क्षमता है और इनसे पहले की पीढ़ियां भी ऐसा कर चुकी हैं. ऐसी स्थिति में इन्हें कोई नहीं रोक सकता.”

Saturday सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच New Delhi और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली ट्रेन सेवाएं इन रद्दीकरणों से प्रभावित होंगी.

इस बीच प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी को कड़े सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है. 23,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना है.

इससे पहले दिल्ली Police ने कहा था कि सीजेपी के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि आयोजकों ने कानूनी निर्देशों और पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया. Police ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की भी मांग की थी.

दिल्ली Police के प्रस्ताव के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने Friday को घोषणा की कि आंदोलन को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार Friday रात 9 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

Supreme Court ने आदेश दिया कि Saturday को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए. अदालत ने केंद्र Government को निर्देश दिया कि मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाओं का संचालन उचित तरीके से जारी रखा जाए, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो.

–

एएमटी/डीकेपी