
Patna, 2 सितंबर . बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बीपीएससी टीचर भर्ती की तारीखों, गूगल ट्रेनिंग एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग), टीचर प्रमोशन और नए एग्जाम सुधारों की घोषणा की. उन्होंने Wednesday को समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि अब मुगल का नहीं, गूगल का जमाना है. टेक्नोलॉजी में पूरा देश आगे बढ़ रहा है और बिहार ज्ञान की भूमि रही है, इसलिए हमने सात बड़ी-बड़ी संस्थानों के साथ नॉन-फाइनेंशियल एमओयू किया है. अब अगला पड़ाव गूगल के साथ है.
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि गूगल के वरिष्ठ अधिकारी Tuesday को हमसे मिले और उन्होंने बिहार में स्कूलों के साथ जुड़कर हमारे शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाने की इच्छा जाहिर की. इसी को लेकर हमने तय किया है कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, इसलिए इसी दिन हम गूगल के साथ एओयू करेंगे. शिक्षकों की ट्रेनिंग के मामले में हम गूगल का सहयोग लेंगे. हम शिक्षकों की क्षमता निर्माण जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा कर सकें, यह हमारा प्रयास है.
उन्होंने कहा कि हमने ऐच्छिक ट्रांसफर लॉन्च किया है. एक नियम बना है और उसके आधार पर जिसको भी ट्रांसफर लेना है, उनके पास ऑप्शन है कि वे ट्रांसफर के 30 विकल्प दे सकते हैं, लेकिन इसी में कई ऐसे शिक्षक भी सामने आए, जिन्होंने कहा कि हमारा कुछ ही समय के लिए अब नौकरी शेष है, ऐसे में हमें भी ट्रांसफर लेना पड़ रहा है.
इसको देखते हुए हमने उन शिक्षकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है कि जिनकी भी नौकरी मात्र 2 वर्ष के लिए अब बची है और वह ट्रांसफर नहीं लेना चाहते हैं तो उन्हें कोई मजबूर नहीं करेगा. शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि जिन शिक्षकों की नौकरी केवल 2 वर्ष के लिए अब शेष है, अगर वह ट्रांसफर लेना चाहते हैं, तो ले सकते हैं और नहीं चाहते हैं तो विभाग उनके ट्रांसफर पर विचार नहीं करेगा.
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि जिन भी शिक्षकों का प्रमोशन रुका है, उनकी समीक्षा करके हमारे सामने रिपोर्ट लेकर आने को कहा गया है. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है. रिपोर्ट मिलते ही हम उस पर आगे का काम करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार से सीएम सम्राट चौधरी ने सीटिंग जज की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई है, यह बहुत बड़ा कदम है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमारे जो युवा छात्र हैं, कई बार उनके दिमाग में ऐसी चीजें चलती रहती हैं कि क्या परीक्षा में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही. इन सभी शंकाओं को दूर करने के लिए और आगे के दिनों में पूरी मजबूती और पारदर्शिता के साथ प्रत्येक परीक्षा नियमित समय पर हो और उसका परिणाम भी नियमित समय से आए. इसी के साथ किसी को कोई संशय और आपत्ति न हो, इस प्रकार की एक मजबूत नीति बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई गई है.
उन्होंने कहा कि बिहार Government युवा और छात्रों के लिए दरवाजा के साथ-साथ दिल खोलकर बैठी हुई है. साथ ही उन्होंने के माध्यम से बीपीएससी टीआरई-4 और लाइब्रेरियन पोस्ट के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि हमने युवाओं से जितने वादे किए हैं, हम उन सभी को पूरा करते जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमने युवाओं से कहा कि 20,000 पदों पर बहाली करेंगे, लेकिन इसके बदले हमने बीपीएससी में 33,388 पदों पर भर्ती निकाली है और आगे जरूरत पड़ेगी तो पदों की संख्या बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आवेदन करने की जरूरत है, न कि आंदोलन.
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डीके/डीकेपी
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