
वाशिंगटन, 20 अक्टूबर . बांग्लादेश की पूर्व Prime Minister शेख हसीना ने खतरों की परवाह किए बगैर वापस अपने देश लौटने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि जब उनके समर्थक और आम बांग्लादेशी लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, तब वह देश से दूर नहीं रह सकतीं. वॉशिंगटन स्थित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए हसीना ने कहा कि वापसी से जुड़े खतरे उन्हें रोक नहीं सकते.
शेख हसीना ने कहा कि वह हर हाल में अपने देश वापस लौटना चाहती हैं, भले ही वहां पहुंचने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, यातना दी जाए या उनकी जान को खतरा हो. उन्होंने कहा, “वापसी कितनी भी जोखिम भरी क्यों न हो, मुझे इसकी परवाह नहीं है. मुझे वापस जाना ही होगा.”
अगस्त 2024 में उनकी Government गिरने के बाद उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था. सत्ता से हटाए जाने के बाद से India में रह रहीं हसीना ने India Government और भारतीय जनता का धन्यवाद भी किया. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में India ने उन्हें शरण और सहयोग दिया.
हसीना ने कहा, “मैं India Government, यहां के लोगों और सभी दलों की आभारी हूं. उन्होंने मुझे उसी तरह अपनाया जैसे 1975 में किया था.”
उन्होंने 1975 की उस घटना का भी जिक्र किया, जब उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई थी और वह तथा उनकी बहन बच गई थीं.
हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है या हिंसा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनका मानना है कि एक Political नेता होने के नाते उनके समर्थकों के साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने अपने Political जीवन के कई पुराने अनुभव याद किए, जब जान का खतरा होने के बावजूद वह बांग्लादेश लौटी थीं.
इनमें 1981 में विदेश में कई साल बिताने के बाद उनकी वापसी भी शामिल है. उस समय उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान और परिवार के अन्य सदस्यों की 1975 में हत्या हो चुकी थी.
उन्होंने 2007 के Political आपातकाल का भी जिक्र किया, जब उनके खिलाफ आपराधिक आरोप लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया था. हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की मौजूदा Political नेतृत्व उनके और आवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कानूनी मामलों का इस्तेमाल Political विरोध को दबाने के लिए कर रही है.
उन्होंने इन मामलों की वैधता पर सवाल उठाया और कहा कि Political नेताओं के खिलाफ आरोपों का फैसला निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने अपनी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई. बाद में उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने पत्रकारों से कहा कि अभी तारीख तय नहीं हुई है और सही समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी.
अमेरिका से अपील करते हुए हसीना ने कहा कि वॉशिंगटन को बांग्लादेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं, बहुदलीय राजनीति और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करना चाहिए, न कि किसी एक नेता या Political दल का.
उन्होंने कहा, “मेरा संदेश अमेरिका के लिए यह है कि वह शेख हसीना या किसी दूसरे नेता को न चुने, बल्कि लोकतंत्र को चुने.”
हसीना ने कहा कि बांग्लादेश का भविष्य वहां के लोगों को स्वतंत्र और सभी को साथ लेकर चलने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से तय करना चाहिए.
उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि बांग्लादेशी लोग एक स्वतंत्र और समावेशी Political प्रक्रिया के जरिए अपनी Government चुनें.”
पूर्व Prime Minister ने स्वतंत्र न्यायपालिका, अभिव्यक्ति की आजादी, Political संगठन बनाने की स्वतंत्रता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून के उचित पालन की भी मांग की. उन्होंने कहा कि अगर किसी Political दल को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है, तो इससे देश में विभाजन और बढ़ेगा और राष्ट्रीय मेल-मिलाप की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा.
हसीना ने कहा, “जो लोग मेरी Government का विरोध करते हैं, वे भी इस देश के नागरिक हैं और उनके अधिकारों का सम्मान होना चाहिए. बांग्लादेश का भविष्य बदले की भावना नहीं, बल्कि मेल-मिलाप के आधार पर बनना चाहिए.”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी Government के कामकाज और 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रमों पर कई कठिन सवाल उठते हैं.
उन्होंने कहा, “मैं मानती हूं कि मेरी Government, 2024 की घटनाओं और उसके बाद की परिस्थितियों को लेकर कई गंभीर सवाल हैं.”
हसीना का कहना था कि उनके खिलाफ हो या किसी और के खिलाफ, सभी आरोपों की जांच पारदर्शी और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए.
–
एवाई/डीकेपी
Skip to content