
सना, 3 नवंबर . यमन में Tuesday को दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन की ओर जाने वाले संवेदनशील मोर्चे पर लड़ाई और हवाई हमले तेज हो गए. स्थानीय सैन्य अधिकारियों और हूती मीडिया के अनुसार, दक्षिणी लाहज और दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांतों में कई लोगों के हताहत होने की खबर है.
यमन की सरकारी सेना के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ‘सिन्हुआ’ को बताया कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें Tuesday को Government के नियंत्रण वाले लाहज प्रांत के एक सार्वजनिक बाजार में गिरीं. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए.
वहीं, हूती समूह की ओर से संचालित ‘अल-मसीरा टीवी’ ने दावा किया कि Tuesday को ताइज शहर के उत्तर में स्थित एक प्लास्टिक चप्पल बनाने वाले कारखाने पर हवाई हमला हुआ. चैनल के मुताबिक, इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई और आठ अन्य घायल हुए. ‘अल-मसीरा टीवी’ ने इस हमले के लिए सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों को जिम्मेदार ठहराया. चैनल ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर लगी आग को बुझाने के लिए नागरिक सुरक्षा दल लगातार काम कर रहे हैं.
‘सिन्हुआ’ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ताइज के दक्षिणी इलाके ‘अश-शमायतेन’ जिले में हुए एक अन्य हवाई हमले में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक महिला भी शामिल थी. इसके अलावा पांच अन्य लोग घायल हुए.
ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब ताइज-लाहज मोर्चे पर संघर्ष और तेज हो गया है. हाल के दिनों में हूती लड़ाके ताइज के पहाड़ी ‘अल-मकतिराह’ इलाके से आगे बढ़ते हुए तुर अल-बाहा जिले की ओर बढ़े हैं, जो Government के नियंत्रण में है और अदन जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों पर स्थित है.
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेना हूती लड़ाकों की आगे बढ़ने की कोशिशों को रोकने का प्रयास कर रही है. इसके साथ ही यमन के कई इलाकों में जमीनी लड़ाई और हवाई हमले भी तेज हो गए हैं. दूसरी ओर, हूती समूह सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों और सऊदी अरब के अंदर भी मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है.
हालांकि, Tuesday को हूती समूह ने सऊदी अरब पर किसी भी हमले में शामिल होने से इनकार किया. उसने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उसने पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाया था.
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेया ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, “हमारी सेना ने आज सऊदी क्षेत्र की ओर कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं की है.”
यमन में संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी Government के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था. तब से देश लगातार युद्ध, Political अस्थिरता और मानवीय संकट का सामना कर रहा है.
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एवाई/डीकेपी
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