
Lucknow, 8 सितंबर . उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. रजा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिलेगा. आयोग में उनके साथ आठ सदस्यों की नियुक्ति की गई है. लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे रजा की नई जिम्मेदारी को प्रदेश में अल्पसंख्यक समाज के बीच संगठन और Government की पहुंच मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.
मोहसिन रजा योगी आदित्यनाथ Government के पहले कार्यकाल में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री रह चुके हैं. वर्ष 2017 में योगी Government के गठन के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. वह विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं. अब अल्पसंख्यक आयोग की कमान मिलने के साथ Government ने उन्हें एक बार फिर अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान की जिम्मेदारी दी है. रजा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन को लेकर Political बहस तेज है.
नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले 12 अगस्त को रजा ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्डों से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था. उन्होंने वक्फ संपत्तियों की जिला स्तर पर विशेष जांच और विशेष ऑडिट की मांग की थी. Government की ओर से जारी नियुक्तियों के अनुसार संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को आयोग का सदस्य बनाया गया है.
नियुक्त किए गए सदस्यों में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के लोगों को स्थान दिया गया है. संदीप जैन एटा, अंशुमान कुमार सिंह मैसी शाहजहांपुर, हनप्रीत सिंह बेदी मुजफ्फरनगर, मोहम्मद असलम फतेहपुर, परविंदर सिंह Lucknow, नेहा खान अंबेडकरनगर, सैयद सिराज अब्बास रिजवी आजमगढ़ और रूमाना सिद्दीकी Lucknow से हैं. मोहसिन रजा की नियुक्ति के साथ आयोग को लंबे समय बाद Political रूप से सक्रिय चेहरा मिला है.
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर आयोग की भूमिका आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकती है. 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए अल्पसंख्यक समाज तक अपनी पहुंच बढ़ाना भी एक महत्वपूर्ण Political चुनौती है. ऐसे में रजा को कैबिनेट रैंक के साथ आयोग की जिम्मेदारी दिया जाना संगठन और Government की अल्पसंख्यक मामलों से जुड़ी रणनीति में उनकी भूमिका को अहम बनाता है.
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विकेटी/पीएम
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