मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी

Bengaluru, 1 नवंबर . कर्नाटक राज्योत्सव और Bengaluru-Mumbai वंदे India स्लीपर सेवा की शुरुआत के अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने Sunday को Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में रेलवे के बुनियादी ढांचे में हुए विकास की सराहना की.

उन्होंने कर्नाटक के लिए बढ़ाई गई फंडिंग, वंदे India सेवाओं के विस्तार और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं के पूरा होने का विशेष उल्लेख किया.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Sunday को Bengaluru और Mumbai के बीच ‘वंदे India स्लीपर सर्विस’ ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले देश में बम धमाके और आतंकी हमले होते थे, जबकि मौजूदा एनडीए Government ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं.

उन्होंने आगे कहा, “पहले हर जगह बम और गोलियां चलती थीं. अब, Prime Minister मोदी के नेतृत्व में, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बुलेट ट्रेन ला रहे हैं. अशांति फैलाने वाले माओवादियों को उनके घर वापस भेज दिया गया है और आतंकवादियों का हमेशा के लिए सफाया कर दिया गया है.”

उन्होंने कहा कि कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर उत्तरी कर्नाटक के लिए तीन बड़ी रेलवे कनेक्टिविटी परियोजनाओं की घोषणा की गई है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि Prime Minister ने रेल मंत्रालय से देश के परिवहन क्षेत्र में रेलवे की घटती हिस्सेदारी को सुधारने के लिए कहा था.

कर्नाटक के लिए रेलवे बजट आवंटन का जिक्र करते हुए जोशी ने बताया कि 2008 में राज्य को रेलवे विकास के लिए केवल 700 करोड़ रुपए मिले थे. उस समय, तत्कालीन रेल राज्य मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने अधिक बजट आवंटन की मांगों का जवाब देते हुए 30 मिनट लंबा भाषण दिया था.

जोशी ने कहा, “अब बदलाव देखिए. पिछले पांच वर्षों में, कर्नाटक को हर साल 7,000 करोड़ से 8,000 करोड़ रुपए मिल रहे हैं. 2014-15 में रेलवे बजट आवंटन लगभग 1,000 करोड़ रुपए था, जो मौजूदा एनडीए Government के तहत काफी बढ़ गया है.”

उन्होंने बताया कि ‘कवच’ (रेलवे सुरक्षा प्रणाली) सहित कई सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद, रेल दुर्घटनाओं की संख्या 134 से घटकर 16 रह गई है. Union Minister अश्विनी वैष्णव ने ‘जीरो एक्सीडेंट’ और ‘जीरो एरर’ का लक्ष्य रखा है. देशभर में 150 से अधिक वंदे India ट्रेनें चल रही हैं और उन्होंने वंदे India स्लीपर सर्विस की तकनीक और गति की तारीफ की.

उन्होंने आगे कहा कि यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती है. इसके डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें पानी से भरा गिलास भी बिना हिले-डुले रखा रह सकता है. उन्होंने बताया कि Union Minister अश्विनी वैष्णव आईआईटी से पढ़े हैं, बाद में आईएएस में शामिल हुए और पूर्व Prime Minister स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव के रूप में काम किया. पीएम मोदी द्वारा जिम्मेदारियां सौंपे जाने से पहले, उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में भी वरिष्ठ पदों पर काम किया था.

भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि कैबिनेट की चर्चाओं में रेलवे परियोजनाओं को लागू करने का मुद्दा प्रमुखता से शामिल रहता है. लगभग हर बैठक में इन परियोजनाओं के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाती है.

उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय Prime Minister के विजन को साकार करने की दिशा में काम कर रहा है और उन्होंने Bengaluru-Mumbai वंदे India स्लीपर सेवा के लिए Union Minister अश्विनी वैष्णव को बधाई दी. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित Bengaluru-मंगलुरु वंदे India सेवा और Bengaluru-पुणे के बीच हाई-स्पीड रेल से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी.

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार और असम के लाखों लोग Bengaluru में बस गए हैं, जिन्हें बेहतर रेल सेवाओं से लाभ मिलेगा.

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एससीएच/एबीएम