मैसूरु दशहरा विवाद के बीच यदुवीर वाडियार ने नंदी ध्वज पूजा के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल की मांग की

मैसूरु, 24 अक्टूबर . मैसूरु-कोडागु के BJP MP और मैसूरु के राजपरिवार के वंशज यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने Saturday को मैसूरु दशहरा के दौरान नंदी ध्वज पूजा अनुष्ठान में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति पर सवाल उठाया और समारोह के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल की मांग की.

मैसूरु दशहरा समारोह के दौरान कर्नाटक में उस समय Political विवाद खड़ा हो गया, जब Police अधिकारियों ने वरिष्ठ दलित मंत्रियों को पारंपरिक नंदी ध्वज पूजा में शामिल होने से कुछ समय के लिए रोक दिया.

यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा ने मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अनुष्ठान के लिए Chief Minister और एक या दो अधिकारियों की उपस्थिति ही पर्याप्त होगी. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी आवश्यक नहीं है.

उन्‍होंने पूछा, “पहले उन्हें प्रोटोकॉल स्पष्ट करना चाहिए. मुझे ऐसे किसी प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं है. अगर Chief Minister के साथ दो लोग भी हों तो काफी है. हर कोई वहां क्यों जाना चाहता है?”

उन्होंने कहा कि राजमाता के निर्देश पर वे पिछले 12 वर्षों से मैसूरु राजपरिवार की ओर से इन अनुष्ठानों में भाग लेते रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले के वर्षों में Chief Minister और एक-दो अधिकारी ही अनुष्ठानों में शामिल होते थे.

उन्होंने कहा, “यह Government द्वारा आयोजित कार्यक्रम है और Government को ही निर्णय लेकर आगे बढ़ना होता है. मेरा मानना ​​है कि कम लोगों का होना बेहतर होगा, क्योंकि अनुष्ठानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उन्हें उचित ढंग से संपन्न किया जाना चाहिए.”

यदुवीर ने कहा कि Chief Minister की उपस्थिति ही पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए पर्याप्त है और सभी को समारोह में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि राजपरिवार ने कभी भी अपनी उपस्थिति पर जोर नहीं दिया.

कुछ दशहरा कार्यक्रमों में सुधार किए जाने और अन्य में काफी सुधार की गुंजाइश होने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के उत्सव की योजना बनाते समय इस वर्ष के समारोहों से सबक लेना चाहिए.

उन्होंने कहा, “हम सुझाव देंगे और कार्रवाई भी होनी चाहिए. केवल आरोप लगाना उचित नहीं होगा. मैं इन मुद्दों को उचित मंच पर उठाऊंगा.” उन्होंने Government से प्रोटोकॉल को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने और अगले वर्ष से इसका पालन सुनिश्चित करने की घोषणा करने का आह्वान किया.

केरल और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों की दशहरा उत्सव में भागीदारी पर यदुवीर ने कहा कि उनका निमंत्रण एक अच्छा कदम था जिससे त्योहार को प्रचार मिला. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था तो देवी चामुंडेश्वरी को पुष्प अर्पित करने में कोई बुराई नहीं थी.

उन्होंने कहा, “अगर उन्हें आमंत्रित किया जाए और फिर पुष्प अर्पित करने की अनुमति न दी जाए तो यह कैसे संभव है? इसीलिए मैं स्पष्ट प्रोटोकॉल पर जोर देता हूं. एक ढांचा होना बेहतर होगा.”

पारंपरिक ‘जाट्टी कलागा’ कार्यक्रम के रद्द होने के बारे में पूछे जाने पर यदुवीर ने कहा कि उनकी मां इस मामले पर स्पष्टीकरण देंगी और उनके बयान के बाद आगे की प्रतिक्रिया दी जाएगी.

इस बीच, राजमाता प्रमोदादेवी वाडियार ने कहा कि उन्हें प्रशांत नाम के हाथी को लेकर चिंता थी, जिसने मैसूर दशहरा समारोह के दौरान पहली बार देवी चामुंडेश्वरी के स्वर्ण हौदे (गोल्डन हाउदा) को ढोया था.

हालांकि, उन्होंने बताया कि हाथी ने बहुत अच्छा काम किया, पूरे जुलूस के दौरान शांत रहा और कोई परेशानी नहीं खड़ी की. उन्होंने कहा कि हाथी और स्वर्ण हौदा, दोनों को बहुत खूबसूरती से सजाया गया था. उन्होंने कहा, “पहले कभी ऐसी कोई चिंता नहीं हुई थी, लेकिन इस बार मुझे थोड़ी फिक्र थी.”

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एएसएच/