मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन टीम ने मिलकर उसको 200 प्रतिशत बना दिया: किरण पहल

New Delhi, 29 सितंबर . किरण पहल Tuesday को भारतीय महिलाओं की उस 4×400 मीटर रिले का हिस्सा थीं, जिसने देश के लिए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता. किरण ने यह मेडल अपने परिवार, फेडरेशन और Government को समर्पित किया है.

किरण ने एमआर पूवम्मा, विथ्या और प्राची के साथ 3:29.69 सेकंड में दौड़ पूरी करते हुए India के लिए पहला स्थान हासिल किया. बहरीन 3:30.21 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि चीन ने 3:31.02 सेकंड के साथ तीसरा स्थान अपने नाम किया.

देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद किरण ने ‘ ’ को बताया, “हमने कल से ही सोच लिया था कि सिर्फ गोल्ड ही जीतना है. हमारे दिमाग में बस वही चीजें चल रही थीं. बैटन स्टार्ट मुझे ही दिया गया था, जिसके चलते मेरे कंधों पर बोझ था. मैंने अच्छा प्रदर्शन करने का ठान रखा था और अच्छा किया भी. मैंने अपना शत प्रतिशत दिया, लेकिन टीम ने मिलकर उसको 200 प्रतिशत बना दिया.”

फाइनल के दौरान लगातार बारिश के चलते ट्रैक गीला था. हालांकि, किरण को फाइनल के दौरान किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. उन्होंने बताया, “हमें इतनी दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि काफी समय से हमारी एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हमारे लिए पोलैंड में कैंप लगवाया था, जहां बारिश होती थी. हम बारिश के आदी हो गए थे. ऐसे में हमें इससे ज्यादा समस्या नहीं हुई.”

भाई-बहनों में सबसे छोटी किरण को परिवार को भरपूर सपोर्ट मिला है. उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि के बारे में बताया, “मैं Haryana स्थित सोनीपत जिले के गुम्मड़ गांव से हूं. मेरे परिवार में मां, बड़े भाई और बहन हैं. मैं भाई-बहनों में सबसे छोटी हूं. मुझे परिवार का काफी सपोर्ट मिला है. सबसे ज्यादा सपोर्ट एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया का मिला, जिसके बिना आज मैं यहां नहीं पहुंच सकती थी. इसके साथ ही मैं Government का शुक्रिया अदा भी करना चाहूंगी.”

किरण ने अपना मेडल परिवार के साथ फेडरेशन और Government को समर्पित करते हुए कहा, “ये मेडल मेरी फेडरेशन, Government और मेरे परिवार और मेरे पिता को समर्पित करती हूं, क्योंकि पिता का सपना था कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतूं. आज वो बहुत गर्व महसूस कर रहे होंगे. मुझे भी इस उपलब्धि पर काफी गर्व है. पूरा देश इस पर गर्व कर रहा है. हमें कैंप में काफी सुविधाएं मिलती हैं. हमें काफी प्रतियोगिता खेलने के लिए मिलती है. प्रतियोगिता-दर-प्रतियोगिता हम अच्छा अपना बेस्ट करते हैं. हमें आर्थिक रूप से भी काफी समर्थन मिल रहा है, जो सबसे ज्यादा जरूरी है. हमें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया जाता है.”

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आरएसजीजी