मेरठ: मृत्युदंड की सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोए साहिल और मुस्कान, सुरक्षा को लेकर हुई बैठक

मेरठ, 14 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने Wednesday को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई. सजा सुनाए जाने के बाद साहिल और मुस्कान भावुक होकर फूट-फूटकर रोने लगे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पेशी के दौरान दोनों एक ही कमरे में मौजूद थे. सजा सुनाए जाने के बाद दोनों एक-दूसरे को देखकर रोते रहे. जेल अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को संभवतः यह उम्मीद थी कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी, लेकिन मृत्युदंड का फैसला सुनते ही वे सदमे में आ गए.

सजा सुनाए जाने के बाद साहिल और मुस्कान की हालत ऐसी थी कि वे काफी देर तक बात भी नहीं कर पाए. दोनों रोते हुए रूम से अपनी बैरक तक गए. इसके बाद जेल अधिकारियों ने उन्हें समझाया और काउंसलिंग की. मामले में सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा और आगे की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की है.

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जब न्यायालय में साहिल और मुस्कान की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही थी, उस समय वह भी रूम में मौजूद थे. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने जैसे ही दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई, वे सदमे में आ गए और फूट-फूटकर रोने लगे. दोनों को शायद इस बात की उम्मीद नहीं थी कि उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई जाएगी. उन्हें लग रहा था कि फैसला आजीवन कारावास तक सीमित रह सकता है. लेकिन मृत्युदंड की घोषणा के बाद उनकी भावनात्मक स्थिति काफी खराब हो गई. दोनों काफी देर तक रोते रहे और एक-दूसरे को देखकर भी भावुक होते रहे.

वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दोनों की काउंसलिंग की गई. उन्हें समझाया गया कि फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी और अपील करने के क्या विकल्प उपलब्ध हैं.

वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि साहिल और मुस्कान को जानकारी दी गई है कि वे चाहें तो स्वयं अपील कर सकते हैं या कारागार विभाग की ओर से भी अपील की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. इस संबंध में निर्णय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. न्यायालय के विस्तृत आदेश प्राप्त होने के बाद दोनों को कनविक्ट नंबर आवंटित किए जाएंगे और नियमानुसार कैदियों के कपड़े व भोजन की व्यवस्था की जाएगी. यदि सजा के आदेश में सश्रम कारावास का प्रावधान लागू होता है, तो नियमानुसार उनसे श्रम भी कराया जाएगा.

मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने साहिल और मुस्कान को कहां रखा जाएगा और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था किस प्रकार की जाएगी, इस पर अधिकारियों के साथ बैठक की. जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को कड़ी निगरानी में रखने की व्यवस्था तय की गई है. विस्तृत न्यायालयीन आदेश मिलने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

वीरेश राज शर्मा ने आगे कहा कि इतनी बड़ी सजा सुनाए जाने के बाद दुख और मानसिक परेशानी होना स्वाभाविक है. सजा सुनने के बाद दोनों की हालत खराब थी और वे रोते हुए रूम से अपनी बैरक तक पहुंचे.

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