मेरठ: किसान नेताओं से मारपीट और थर्ड डिग्री के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ निलंबित

मेरठ, 23 अगस्त . उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान नेताओं से Police हिरासत में कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के आरोपों ने खाकी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले में Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन प्रभारी और एसओजी प्रभारी अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया है.

नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में यह कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि डीआईजी सहारनपुर की जांच रिपोर्ट और मामले में Saturday देर रात तक अधिकारियों की ओर से लिए गए बयानों के बाद निलंबन का फैसला लिया गया. कार्रवाई के बाद Police महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

मामला किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव से जुड़ा है. दोनों ने आरोप लगाया था कि Police हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर थर्ड डिग्री दी गई.

दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि Policeकर्मियों ने उन्हें नचाया और उनके साथ बर्बरता की. उन्होंने घटना से जुड़े अपने वीडियो भी social media पर प्रसारित किए थे. दिग्विजय भाटी का आरोप था कि उनके साथ एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय में मारपीट की गई.

उन्होंने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे. घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और Police की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे. विवाद बढ़ने के बाद अखिलेश गौड़ को पहले लाइन हाजिर किया गया था. अब जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.

एसएसपी की ओर से जारी कार्रवाई में उनके खिलाफ कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है.

उधर, किसान नेता दिग्विजय भाटी फिलहाल उनका उपचार चल रहा है. मामले में Police की कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट और सामने आए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.

विकेटी/एएसएच