
कोलकाता, 21 सितंबर . डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता रिजु दत्ता ने Monday को विभिन्न मुद्दों का जिक्र कर भाजपा समेत कई दलों को घेरा. उन्होंने चुनाव आयोग के नियमों का जिक्र करते हुए नौशाद सिद्दीकी पर भी निशाना साधा और उन्हें चुनाव आयोग के नियम-कानून पढ़ने की सलाह दी.
नौशाद सिद्दीकी से जुड़े चुनाव चिह्न के विवाद पर रिजु दत्ता ने कहा कि उनकी पार्टी में वह अकेले विधायक हैं और ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग की ओर से फ्री सिंबल दिया जाता है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को भी इसी प्रक्रिया के तहत चुनाव चिह्न मिला है. सिद्दीकी की ओर से पत्र लिखे जाने के बाद उन्हें भी अलग चुनाव चिह्न दिया गया. सिद्दीकी को इस पर टिप्पणी करने से पहले आयोग के नियमों को समझना चाहिए.
ममता बनर्जी के Supreme Court जाने के मुद्दे पर दत्ता ने कहा कि उनके लीगल रिप्रेजेंटेटिव और स्टैंडिंग लीगल काउंसल कल्याण बनर्जी चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल में दो बार शामिल हो चुके हैं. उन्होंने ममता बनर्जी के रवैये को ‘फासीवादी एटीट्यूड’ बताते हुए कहा कि अदालत जाना उनका अधिकार है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि ममता बनर्जी खुद काला कोट पहनकर Supreme Court जाएंगी.
रिजु दत्ता ने दावा किया कि उपचुनाव खत्म होने के बाद उनकी पार्टी दोबारा चुनाव आयोग के पास जाएगी और ‘घास और जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न की मांग करेगी. उनकी पार्टी को उम्मीद है कि भविष्य में यह चुनाव चिह्न उन्हें मिल सकता है.
एसआईआर को लेकर दत्ता ने कई सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में काफी खामियां हैं. देश में कई लोगों के नाम ‘डिस्प्यूट लिस्ट’ में हैं. उन्होंने Supreme Court से अपील की कि जब तक प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती, तब तक ऐसे लोगों को मतदान के अधिकार और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाए. गरीब लोगों को किसी विवादित स्थिति के कारण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से बाहर करना उचित नहीं होगा.
हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए रिजु दत्ता ने सवाल किया कि वह अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार क्यों नहीं कर रहे हैं. उन्होंने हुमायूं कबीर पर रेजीनगर के लोगों को गुमराह करने और मस्जिद के नाम पर मिले चंदे के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप भी लगाया. दत्ता ने कहा कि दूसरे नेताओं पर उंगली उठाने से पहले हुमायूं कबीर को अपने बेटे के लिए प्रचार करना चाहिए.
कोलकाता में सड़कों के नाम बदलने के मुद्दे पर दत्ता ने कहा कि नई Government बंगाल की जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर पहले ध्यान दे. सड़कों और स्टेशनों के नाम बदलना कोई आपात काम नहीं है. लेनिन सरनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे बदलने पर बहस हो सकती है, लेकिन विश्व बांग्ला सरनी का नाम बदलकर श्री चैतन्य महाप्रभु सरनी करने की जल्दबाजी उन्हें समझ नहीं आती.
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने से पहले विचार करना चाहिए था, जिसके खिलाफ हत्या का मामला लंबित है और जिसे जमानत नहीं मिली है. जब विपक्ष खुद ऐसी स्थिति पैदा करेगा तो भाजपा को Political फायदा उठाने का मौका मिलेगा.
बिहार से सामने आए वायरल वीडियो पर दत्ता ने घटना को जघन्य बताया और महिला सुरक्षा को लेकर बिहार Government और भाजपा को घेरा. उन्होंने कहा कि किसी सभ्य समाज में इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती. भाजपा महिला सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण की बात करती है, इसलिए उसे बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. उन्होंने मांग की कि बिहार की घटना से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
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एएमटी/एबीएम
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