
New Delhi, 26 सितंबर . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत अन्य मुद्दों पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट आने के बाद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग की है.
समिक भट्टाचार्य के इस बयान पर कांग्रेस सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने से बातचीत में कहा, “क्या ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट हैं? इस प्रकार भाजपा ज्ञानेश कुमार को क्यों सपोर्ट कर रही है? एक संवैधानिक संस्था के पद पर बैठने के बाद भाजपा क्यों सपोर्ट कर रही है? भाजपा उनको जवाब क्यों नहीं देने देती?”
कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा, “भाजपा ने देश की संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर दिया. ज्ञानेश कुमार ने देश को लूटा है. इतना बड़ा देशद्रोह का काम किया है और लोकतंत्र को खतरे में डाला है और संविधान में दिए गए अधिकारों को बिल्कुल चकनाचूर कर दिया. उन्हें तुरंत रिजाइन दे देना चाहिए. ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का केस लगाकर उनको जेल में डालना चाहिए.”
Union Minister चिराग पासवान ने कहा है कि चुनाव आयोग अपने पक्ष में अपनी बातों को मजबूती से रखें. चिराग के इस बयान पर आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गुरुनाधम ने कहा, “जहां तक चिराग पासवान के बयान या टिप्पणी की बात है, कांग्रेस पार्टी उनके बयान के 50 फीसदी हिस्से को स्वीकार और बाकी को खारिज करना चाहेगी. उन्होंने मांग की कि India के चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट से 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने के मामले में देश और India की जनता को जवाब देना चाहिए. आयोग को यह भी बताना चाहिए कि यह पूरी घटना कैसे हुई, खासकर तब जब दो चुनाव आयुक्तों ने कहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग को असहमति पत्र सौंपा था.”
कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्हें यह याद रखना होगा कि जो गलत काम उन्होंने चुनाव आयोग के जरिए किए हैं, उसकी वजह से उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. समय आएगा, वह समय जरूर आएगा और उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
चिराग पासवान के साथ उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देने की बात कही है. इस बयान कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “चिराग पासवान या उपेंद्र कुशवाहा भले ही हमारे विरोध में हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए उनके इस बयान का स्वागत किया जाना चाहिए. मैं चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा से स्पष्ट कहना चाहता हूं, वोट चोरों का साथ उन्हें छोड़ना चाहिए, उन्हें जनता का साथ निभाना चाहिए. एनडीए से अलग होकर उन्हें भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और वोट चोरी के खिलाफ इस महासंग्राम में साथ देना चाहिए.”
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ओपी/
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