मुख्यमंत्री सेहत योजना: 104 हेल्पलाइन के जरिए डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों से जुड़ी रहती है सरकार, लोगों ने सराहा

चंडीगढ़, 28 अगस्त . Chief Minister सेहत योजना के तहत पंजाब की भगवंत मान Government राज्य के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता कर रही है. अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों के साथ 104 हेल्पलाइन के जरिए Government जुड़ रही है और उनका हालचाल जान रही है.

मानसा के हरदेव सिंह के लिए Chief Minister सेहत योजना के तहत इलाज अस्पताल से निकलने के साथ ही खत्म नहीं हुआ. बठिंडा में ऑर्थोपेडिक इलाज के बाद उन्हें पंजाब की 104 हेल्थ हेल्पलाइन से फोन आया, जिसमें उनके इलाज, स्वास्थ्य और अस्पताल के अनुभव के बारे में पूछा गया. उनके लिए यह फोन इस बात का भरोसा दिलाने वाला था कि डिस्चार्ज के बाद भी Government उनसे जुड़ी हुई है.

हरदेव सिंह ने कहा, “मुझे Chief Minister सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज मिला और फिर उन्होंने फोन करके पूछा कि क्या मैं ठीक हूं.” हरदेव ने आगे कहा, “उन्होंने मेरे इलाज, मेरे स्वास्थ्य, मुझे आई किसी भी परेशानी और क्या मुझे दवाइयां मिलीं, इस बारे में पूछा. इससे मुझे महसूस हुआ कि कोई अभी भी मेरा ख्याल रख रहा है.”

होशियारपुर के बलदेव सिंह ने भी ऐसा ही अनुभव साझा किया, जिनका दसूहा में ऑर्थोपेडिक इलाज हुआ था. उन्होंने बताया कि उन्हें बिना कोई भुगतान किए इलाज मिला, डिस्चार्ज के बाद जरूरी दवाइयां मिलीं और बाद में 104 टीम से फॉलो-अप कॉल भी आया.

बलदेव सिंह ने कहा, “जब अस्पताल से निकलने के बाद भी Government आपको नहीं भूलती, तो अच्छा लगता है.”

इलाज के बाद की ये कॉल लाभार्थियों को अपने अनुभव के बारे में सीधे बात करने का मौका देती हैं, ताकि उनका फीडबैक सिर्फ अस्पताल के रिकॉर्ड तक ही सीमित न रहे. हेल्पलाइन यह भी जांचती है कि क्या मरीजों को इलाज के बाद जरूरी दवाएं मिलीं. साथ ही, यह योजना उन्हें अस्पताल में भर्ती होने व देखभाल से जुड़ी अहम जानकारियों की पुष्टि करने में मदद करती है.

104 हेल्थ हेल्पलाइन के जरिए मरीजों के स्वास्थ्य के फॉलो-अप का उद्देश्य इस अहम दौर में मरीज को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़े रखना है.

इस सुविधा के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, “104 हेल्पलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था को उस सफर में वापस लाती है. इलाज के बाद लाभार्थियों से संपर्क किया जाता है और उनसे उनके अनुभव, अस्पताल में भर्ती होने, इलाज के रिकॉर्ड, छुट्टी के बाद की दवाओं और मिली देखभाल से संतुष्टि के बारे में पूछा जाता है. इसका मकसद मरीज को कैशलेस इलाज देना, उन्हें छुट्टी देना और फिर मरीज की प्रतिक्रिया (फीडबैक) सुनना है.”

बलबीर सिंह ने आगे कहा, “स्वास्थ्य सेवा अस्पताल से छुट्टी मिलने पर खत्म नहीं होनी चाहिए. ‘Chief Minister सेहत योजना’ में यह तब भी जारी रहती है जब हम लाभार्थी को कॉल करते हैं, मरीज का अनुभव सुनते हैं और उस फीडबैक को सिस्टम तक पहुंचाते हैं. हमारा उद्देश्य इलाज और फॉलो-अप देना, फीडबैक लेना और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करना है, ताकि हर मरीज को लगे कि उसकी बात सुनी जा रही है और हर आवाज पंजाब की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने में हमारी मदद करे.”

डीसीएच/