
Mumbai , 5 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी), Mumbai ने ‘एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी’ और अन्य के नाम पर चलाई जा रही धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं के मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है.
एक अधिकारी ने Thursday को बताया कि इन योजनाओं के कारण भोले-भाले निवेशकों को लगभग 89 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
ईडी के Mumbai जोनल ऑफिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत अविनाश अर्जुन राठौड़ को गिरफ्तार किया.
एक अधिकारी ने बयान में बताया कि आरोपी को उस जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें ‘एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी’ और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के नाम पर चलाई जा रही धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं के जरिए जुटाए गए ‘अपराध की कमाई’ को इधर-उधर करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है.
ईडी की यह जांच पुणे के चतुर्श्रिंगी Police स्टेशन में राठौड़ और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू हुई थी. आरोप है कि इन्होंने निवेशकों को हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा और 20 महीनों तक मूल निवेश का 5 प्रतिशत हिस्सा वापस करने का लालच देकर उनसे पैसे जुटाए थे. बाद में इस मामले को पुणे की ‘इकोनॉमिक ऑफेंस विंग’ (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया.
ईडी ने बताया कि जांच से पता चला है कि 587 निवेशकों ने इस योजना में लगभग 157 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जिसमें से लगभग 89 करोड़ रुपए निवेशकों को वापस नहीं किए गए.
ईडी के अनुसार, पीएमएलए के तहत हुई जांच से पता चला है कि ‘एपीएस वेल्थ वेंचर्स’ के कामकाज पर मुख्य रूप से राठौड़ का ही नियंत्रण था. एलएलपी में उसकी 90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और वह इसके रोजमर्रा के प्रबंधन और वित्तीय फैसलों के लिए जिम्मेदार था.
ईडी ने आगे बताया कि ‘एपीएस वेल्थ वेंचर्स’ और उससे जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों के जरिए वित्तीय लेन-देन और पैसों की आवाजाही को संभालने में उसकी अहम भूमिका थी.
बयान में कहा गया है कि जांच से पता चला है कि निवेशकों से जुटाए गए पैसों को ‘एपीएस वेल्थ वेंचर्स’ और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं जैसे ‘एपीएस स्मार्ट गेन’ आदि के कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया.
बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से पता चला है कि अलग-अलग बैंकिंग चैनलों के जरिए खातों के बीच बड़ी मात्रा में पैसों का लेन-देन और आवाजाही हुई है.
ईडी ने बताया कि जांच में राठौड़ के निजी बैंक खातों से जुड़े लेन-देन भी सामने आए हैं. इनमें अलग-अलग लोगों को पैसे भेजना और प्रतिभूतियों में निवेश करना शामिल है. इन पैसों का असल में कहां इस्तेमाल हुआ और इसका फायदा किसे मिला, यह पता लगाने के लिए इन लेन-देनों की जांच की जा रही है.
ईडी ने बताया कि ऐसे आरोप हैं कि राठौड़ और उनकी पत्नी अप्रैल 2023 में India छोड़कर Dubai चले गए थे. वहां, उन्होंने अपनी कंपनी ‘वेल्थप्रो इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट एलएलसी’ के जरिए निवेशकों को इसी तरह के ‘निश्चित रिटर्न’ देने का वादा किया था. अब इस मामले की वहां जांच की जाएगी.
बयान के अनुसार, ईडी ने राठौड़ से पूछताछ की ताकि पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाया जा सके, अपराध से मिली रकम का फायदा उठाने वालों की पहचान की जा सके, इस रकम से खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाया जा सके और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल अन्य आरोपियों तथा संस्थाओं की भूमिका तय की जा सके.
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डीके/डीकेपी
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