
Mumbai , 9 अक्टूबर . Mumbai Police की क्राइम ब्रांच यूनिट-12 ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड (एसडीआर), मोबाइल लोकेशन डेटा और आईएमईआई जानकारी की गैर-कानूनी बिक्री में शामिल एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. Police ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें Maharashtra, Jharkhand और बिहार के पांच लोग शामिल हैं.
Police के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से दो Jharkhand और बिहार Police बल में constable हैं.
Police को जानकारी मिली थी कि ओशिवारा Police स्टेशन के इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति इंस्टाग्राम पर ‘इंस्पेक्टर संजय’ के नाम से Police इंस्पेक्टर बनकर लोगों को धोखा दे रहा था, जबकि असल में वह किसी सरकारी पद पर नहीं था.
आरोपी अपनी social media पोस्ट के जरिए दावा करता था कि वह चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन ढूंढकर उनके मालिकों को वापस दिला सकता है.
जिन लोगों के मोबाइल फोन खो गए थे, उन्होंने पोस्ट में दिए गए नंबर का इस्तेमाल करके आरोपी से संपर्क किया. Police अधिकारी बनकर उसने फोन वापस दिलाने के नाम पर उनसे पैसे ऐंठे और गैर-कानूनी तरीके से उनके सीडीआर, एसडीआर और लोकेशन की जानकारी हासिल की.
इस जानकारी के आधार पर, क्राइम ब्रांच यूनिट-12 की टीम ने 22 जून को जोगेश्वरी वेस्ट में एसवी रोड पर एचपी पेट्रोल पंप के सामने आयशा टॉवर के एंट्री गेट के पास आरोपी को गिरफ्तार किया.
उसके पास से बरामद दो मोबाइल फोन की जांच से पता चला कि वह गैर-कानूनी तरीकों से मोबाइल नंबरों से जुड़ी सीडीआर, एसडीआर और लोकेशन की जानकारी हासिल कर रहा था.
ओशिवारा Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(2), 319(2), 204, 223, 351(2), 112(2), 238 और 3(5) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धाराओं 43(ए), 66 और 66ए के तहत मामला दर्ज किया गया. मामले का विवरण सीआरपीसी नंबर 68/2026 और ओशिवारा Police स्टेशन केस नंबर 935/2026 के तौर पर दर्ज किया गया.
जांच के दौरान Police को पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से 50 सीडीआर, 520 एसडीआर, 550 मोबाइल नंबरों से जुड़ी लोकेशन की जानकारी और 420 आईएमईआई नंबरों की जानकारी हासिल की थी.
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डीके/डीकेपी
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