
पुणे, 24 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Mumbai स्थित कंपनी के खिलाफ 212.34 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
सीबीआई ने केनरा बैंक, सर्कल ऑफिस, बांद्रा (पूर्व), Mumbai की शिकायत पर आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर्स/डायरेक्टर्स – सुनील वाधवा, अनूप सेठ, हरि शंकरन, रमेश चंद्र बावा और अरुण कुमार साहा के साथ-साथ अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
इन पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश रचने और ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के तहत अपराध करने का आरोप है. इस वजह से शिकायतकर्ता बैंक को कथित तौर पर 212.34 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर तत्कालीन सिंडिकेट बैंक (अब केनरा बैंक) की Mumbai स्थित एलसीबी ब्रांच से 100 करोड़ रुपए का टर्म लोन और लंदन ब्रांच से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) का लोन लिया.
कंपनी ने बैंक से मिले फंड का इस्तेमाल उस काम के लिए नहीं किया, जिसके लिए लोन को मंजूर किया गया था. आरोप है कि कंपनी ने सहयोगी कंपनियों के जरिए फंड को दूसरी जगह भेज दिया, जिससे बैंक को 212.34 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ.
21 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने Mumbai , दिल्ली और नोएडा आदि में आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशकों/निदेशकों से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की.
छापेमारी के दौरान, जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए और जब्त किए गए. इनमें बैंक के दस्तावेज, डिपॉजिट स्लिप, म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के कागजात, निदेशकों के बैंक खाते और संपत्ति का विवरण तथा कंपनी के लेजर आदि शामिल हैं.
इस साजिश की पूरी गहराई का पता लगाने, इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के फंड का आखिर में कहां इस्तेमाल हुआ, इसका पता लगाने के लिए सीबीआई की ओर से आगे की जांच जारी है.
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डीके/डीकेपी
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