
सोल, 19 अक्टूबर दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम हे-क्युंग ने Monday को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विदेशों में गोद लिए गए कोरियाई मूल के लोग अपनी मातृभूमि के करीब आएंगे और उससे जुड़ी अच्छी यादों को संजोकर रखेंगे.
‘इंटरनेशनल कोरियन अडॉप्टी एसोसिएशन’ (आईकेएए) के सोल सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में अपने भाषण के दौरान, फर्स्ट लेडी ने ये बातें कहीं. इस सम्मेलन में दुनिया भर से गोद लिए गए कोरियाई लोग (कोरियन अडॉप्टी) एक-दूसरे से जुड़ने और एक समुदाय बनाने के लिए इकट्ठा हुए थे.
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, फर्स्ट लेडी ने कहा, “आप में से हर कोई दक्षिण कोरिया को अलग नज़रिए से देख सकता है. कुछ लोगों के लिए यह विदेश हो सकता है, तो कुछ के लिए यह वह मातृभूमि हो सकती है, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था.”
उन्होंने आगे कहा, “हो सकता है कि आप अपनी जड़ों और पहचान की तलाश में, कई सवालों के साथ यहां आए हों.”
किम ने उम्मीद जताई कि यहां आए लोग दक्षिण कोरिया का पतझड़, यहां के खान-पान और अन्य आकर्षणों का करीब से अनुभव करेंगे. उन्होंने कहा, “आप चाहे जैसे भी यहां आए हों, मुझे उम्मीद है कि इस मौके पर आप अपनी मातृभूमि के और करीब आ पाएंगे और नए, सार्थक रिश्ते बना पाएंगे.”
अपनी इच्छा को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, “मेरी कामना है कि अपनी मातृभूमि का माहौल, आकर्षण और सुंदरता लंबे समय तक आपकी यादों में बनी रहे.”
आईकेएए के अध्यक्ष टॉमी जेंटजेल ने इस बात पर जोर दिया कि गोद लिए गए कोरियाई लोगों और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में असीम संभावनाएं हैं.
जेंटजेल ने कहा कि इन संभावनाओं को साकार करने के लिए, गोद लिए गए कोरियाई लोगों के दुखों को समझना जरूरी है, और साथ ही सुलह की दिशा में कदम भी उठाए जाने चाहिए.
आईकेएए प्रमुख ने दक्षिण कोरिया और संबंधित संस्थाओं से इस लक्ष्य की दिशा में काम करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इन लोगों को अपने जैविक परिवारों को खोजने के लिए जरूरी संसाधन और मदद दी जानी चाहिए, जिसमें डीएनए टेस्ट कराने की जरूरत भी पड़ सकती है.
Sunday को, दक्षिण कोरिया की Prime Minister हान सियोंग-सूक ने कहा कि Government सोल और प्योंगयांग के बीच बातचीत फिर से शुरू करने के लिए आधार तैयार करने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में प्रयास करेगी.
सोल में विस्थापित उत्तर कोरियाई निवासियों के लिए आयोजित एक खेल प्रतियोगिता में शामिल होते हुए, हान ने कहा, “दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत के रास्ते खोलने और शांति तथा साझा समृद्धि पर चर्चा करने के प्रयास किए जाएंगे.”
उन्होंने उत्तर और दक्षिण कोरिया के विभाजन को एक “हकीकत” बताया और इस बात पर भी जोर दिया कि विस्थापित निवासियों और बिछड़े परिवारों का दर्द आज भी “बरकरार है.”
Prime Minister ने कहा, “दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का रास्ता खोलने के हमारे प्रयास रुक नहीं सकते.”
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केआर/
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