माजिद मेमन ने नितेश राणे के बयान को बताया गैर-जिम्मेदाराना, जीडीपी और वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल

Mumbai , 2 सितंबर . पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील माजिद मेमन ने मंत्री नितेश राणे के बयानों की कड़ी आलोचना की है. साथ ही उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी के बीच जीडीपी के सरकारी दावों पर सवाल उठाए और वोटर लिस्ट से नाम हटाने की निष्पक्ष जांच की मांग की.

मंत्री नितेश राणे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए माजिद मेमन ने कहा, “हमें नितेश राणे के बयानों को बहुत ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए. उनके बयान हमेशा बहुत गैर-जिम्मेदाराना, भड़काऊ और अक्सर स्वीकार्य स्तर से नीचे होते हैं. वे हमेशा मुसलमानों के खिलाफ टिप्पणी करने में सबसे आगे रहते हैं. वे जो कहते हैं वह उनकी अपनी राय है, लेकिन हमारी नजर में उनकी राय का कोई महत्व नहीं है.”

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ के Government के दावों पर मेमन ने कहा कि सिर्फ आंकड़ों से देश की हालत नहीं सुधरती. उन्होंने कहा, “Prime Minister भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन सिर्फ जीडीपी के आंकड़ों से यह दावा नहीं कर सकते कि देश की हालत सुधर गई है. जमीनी सच्चाई कुछ और है. महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है. ऐसे में Government का दावा सिर्फ कागजी आंकड़ों तक ही सीमित है, लेकिन सच्चाई कुछ और है.”

वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने पर मेमन ने चिंता जताई. उन्होंने कहा, “बहुत दुख की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नाम चुनाव लिस्ट से काट दिए गए हैं. विपक्ष का मानना है कि वो मतदाता जो भाजपा को कभी वोट नहीं देते, ऐसे नामों को खारिज कर दिया गया, ताकि चुनाव जीता जा सके. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों का कहना है कि सेवानिवृत्त जजों की नियुक्ति करनी चाहिए, जो पूरे मामले की जांच करें.”

उन्होंने आरोप लगाया, “बंगाल में वे तमाम नाम वोटर लिस्ट हटा दिए गए, जो भाजपा को समर्थन नहीं देते. Maharashtra में दो करोड़ नाम निकाल दिए गए, सबसे बड़े मतदान के अधिकार को छीन लिया गया. यह संविधान का उल्लंघन है.”

Actress स्वरा पर हो रही टिप्पणियों पर मेमन ने कहा, “स्वरा एक्टिविस्ट एक्टर हैं और सामाजिक कार्यों में भी उनका काफी योगदान रहता है. जब किसी ऐतिहासिक फिल्म में गलतियां होंगी, तो निश्चित है कि उस पर टिप्पणियां होंगी. स्वरा के मामले में भी यही हुआ है, जिस पर टिप्पणी हो रही है.”

नीट पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और इससे जुड़े सभी लोगों का पता लगाया जाना चाहिए. उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक अधिकारों की रक्षा और हर मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.

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