मांड्या औद्योगिक परियोजनाओं में भूमि आवंटन में 10 महीने की देरी पर कुमारस्वामी नाराज, सीएम सिद्धारमैया को लिखा पत्र

Bengaluru, 22 अक्टूबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखा. उन्होंने मांड्या जिले में दो प्रस्तावित परीक्षण केंद्रों, ‘निर्माण और बुनियादी ढांचा उपकरण (सीआईई) परीक्षण केंद्र’ और ‘इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) परीक्षण केंद्र’ के लिए जमीन आवंटित करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है.

Union Minister कुमारस्वामी मांड्या Lok Sabha सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं.

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) द्वारा प्रस्तावित ये दो सुविधाएं India के ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करेंगी, तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगी और इस क्षेत्र में औद्योगिक और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी.

Chief Minister को लिखे अपने पत्र में Union Minister कुमारस्वामी ने प्रस्तावित परियोजनाओं से जुड़ी बैठकों, राज्य और केंद्र Governmentों के बीच हुए आधिकारिक संवाद, बैठकों के विवरण (मिनट्स) और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत ब्योरा दिया. इसके बाद उन्होंने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया, ताकि जमीन आवंटन में हुई उस देरी को उजागर किया जा सके, जिसे उन्होंने ‘अस्वीकार्य’ बताया है.

Union Minister ने उन अखबारों की रिपोर्ट भी संलग्न कीं, जिनमें मांड्या में प्रस्तावित एआरएआई सुविधा के संबंध में Chief Minister के अपने बयान छपे थे.

कुमारस्वामी के प्रतिनिधियों ने यह पत्र विधान सौधा में Chief Minister के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ को सौंपा. पत्र सौंपने के बाद Union Minister ने इस मामले पर तुषार गिरिनाथ से बातचीत भी की.

अपने पत्र में कुमारस्वामी ने Chief Minister का ध्यान इस बात की ओर दिलाया कि एआरएआई द्वारा प्रस्तावित दो सुविधाओं के लिए जमीन आवंटित करने में लगभग 10 महीने की देरी हो चुकी है. एआरएआई, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान और विकास संस्था है.

उन्होंने बताया कि बार-बार चर्चा, साइट का निरीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और संबंधित विभागों के साथ बैठकें होने के बावजूद, मांड्या जिला प्रशासन और कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (एआईएडीबी) ने अभी तक जमीन आवंटन को अंतिम रूप नहीं दिया है.

कुमारस्वामी ने उन कदमों का भी जिक्र किया जो एआरएआई और संबंधित अधिकारियों ने इन प्रस्तावित सुविधाओं के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान करने के लिए उठाए हैं.

16 मार्च 2026 को एआरएआई की एक टीम ने मांड्या जिले में बसरालू, मांड्या शुगर फैक्ट्री, और के.आर. पेट औद्योगिक क्षेत्र की साइटों का दौरा किया. इसके बाद टीम ने मांड्या के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के साथ जमीन की उपलब्धता को लेकर विस्तृत चर्चा की.

17 मार्च को कर्नाटक Government की एक प्रमुख प्रशासनिक इमारत विकास सौधा में वाणिज्य और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव के साथ भी एक बैठक हुई. 20 मार्च को एआरएआई ने प्रस्तावित सुविधाओं के लिए तकनीकी आवश्यकताओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन को सौंपी.

कुमारस्वामी ने बताया कि उन्होंने 13 अप्रैल को विधान सौधा में कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल से मुलाकात की थी, जिसमें परियोजना के दायरे और भूमि की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई.

6 मई को मांड्या जिला प्रशासन ने तकनीकी मूल्यांकन के लिए बसरालू और हेग्गेदाहल्ली में चिन्हित की गई जगहों का विवरण एआरएआई को उपलब्ध कराया.

इसके बाद 18 मई को एआरएआई की एक तकनीकी टीम ने इन चिन्हित जगहों का निरीक्षण किया, जिसमें येलेचाकानाहल्ली गांव की एक जगह भी शामिल थी.

16 सितंबर 2026 को विकास सौधा में वाणिज्य और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक में एआरएआई, मांड्या जिला प्रशासन और एआईएडीबी के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के दौरान, बसरालू और येलेचाकानाहल्ली में मौजूद जगहों की उपयुक्तता की विस्तार से जांच की गई.

कुमारस्वामी के पत्र के अनुसार, बसरालू में लगभग 100 एकड़ जमीन को सीआईई टेस्टिंग सेंटर के लिए संभावित रूप से उपयुक्त माना गया, बशर्ते वहां सड़क संपर्क (कनेक्टिविटी) में सुधार किया जाए. ईवी टेस्टिंग सेंटर के लिए 60 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी.

येलेचाकानाहल्ली को भी एक वैकल्पिक जगह के रूप में देखा गया, जहां दोनों सुविधाओं को एक साथ स्थापित किया जा सकता है. यहां एक लंबा टेस्टिंग ट्रैक और उससे सटा एक औद्योगिक केंद्र बनाने की भी गुंजाइश है.

हालांकि, इस वैकल्पिक जगह के साथ कुछ चुनौतियां भी थीं, जैसे निजी जमीन का अधिग्रहण करना, मैसूरु-Bengaluru हाईवे तक कनेक्टिविटी में सुधार करना और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करना.

समीक्षा के बाद, 17 सितंबर को एआरएआई ने प्रधान सचिव और मांड्या के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) को पत्र लिखकर क्रमशः येलेचाकानाहल्ली और बसरालू में जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया.

बैठक का विवरण 25 सितंबर को उपलब्ध हुआ. 28 सितंबर को एआरएआई ने जिला प्रशासन को एक संशोधित प्रस्ताव सौंपा, जिसमें बसरालू में सीआईई सुविधा के लिए लगभग 100 एकड़ और ईवी टेस्टिंग सेंटर के लिए 60 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग की गई. साथ ही यह भी कहा गया कि ईवी टेस्टिंग सेंटर के लिए जमीन, पहली जमीन (सीआईई सुविधा वाली जगह) से सटी हुई हो तो बेहतर होगा. कुमारस्वामी ने संशोधित प्रस्ताव को एक व्यावहारिक कदम बताया, जिससे ईवी टेस्टिंग सेंटर के लिए जरूरी अतिरिक्त जमीन का मसला सुलझने के दौरान सीआईई सुविधा पर काम आगे बढ़ सके.

उन्होंने कहा कि इन कोशिशों और एक व्यावहारिक विकल्प की पहचान के बावजूद, जमीन आवंटन का मामला अभी भी लंबित है.

अपने पत्र के अंत में कुमारस्वामी ने डीके शिवकुमार से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि एआरएआई सुविधाओं के लिए जरूरी जमीन जल्द से जल्द आवंटित की जाए.

उन्होंने जोर देकर कहा कि ये परियोजनाएं मांड्या के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत कर सकती हैं, तकनीक-आधारित निवेश को आकर्षित कर सकती हैं, और कर्नाटक के युवाओं के लिए रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा कर सकती हैं.

कुमारस्वामी ने कहा, “इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मैं इस पत्र के माध्यम से आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि मांड्या जिले में एआरएआई सेंटर के लिए जरूरी जमीन तुरंत आवंटित करें. यह औद्योगिक क्षेत्र के विकास और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बहुत जरूरी है. अखबारों और मीडिया में सिर्फ आश्वासन देने के बजाय, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरी कदम उठाए जाएं.”

Union Minister ने संबंधित पत्राचार, बैठक के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज मीडिया के सामने रखे. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड से साफ है कि जमीन आवंटन पर जल्द फैसला लेने की जरूरत है.

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एससीएच/