
Bengaluru, 23 अक्टूबर . कर्नाटक के हुबली में पतंग के धारदार मांझे की चपेट में आने से 38 वर्षीय महिला की मौत के बाद राज्य Government ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. उपChief Minister और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने Friday को इस घटना को बेहद दुखद और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने वालों को कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
परमेश्वर ने एक बयान में कहा कि इस घटना ने एक निर्दोष परिवार को तबाह कर दिया है और प्रतिबंधित मांझे के लगातार इस्तेमाल के घातक परिणामों को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि Government ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमों के पालन को और सख्त करने पर विचार करेगी. उन्होंने कहा, “मनोरंजन का कोई भी पल किसी इंसान की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकता. कोई भी उत्सव किसी परिवार को जिंदगी भर के दुख में धकेलने का औचित्य नहीं हो सकता.”
उपChief Minister ने कहा कि खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी बिक्री और इस्तेमाल जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने बताया कि नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने, मौजूदा कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर नियमों को और सख्त बनाने के लिए संबंधित मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी.
परमेश्वर ने कहा कि यह केवल कानून लागू करने का मामला नहीं है, बल्कि मानवता, विवेक और सामूहिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि खतरनाक पतंग के धागों से जुड़े हादसों में कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने प्रतिबंधित मांझे के खतरों से परिचित होने के बावजूद इसका इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि जानबूझकर दूसरों की जान जोखिम में डालना महज लापरवाही नहीं है, बल्कि यह आपराधिक कृत्य भी हो सकता है. ऐसे लोगों को कानून के तहत परिणाम भुगतने होंगे.
उपChief Minister ने पतंग उड़ाने को खतरनाक प्रतिस्पर्धा में बदलने के खिलाफ भी आगाह किया. उन्होंने कहा कि पतंग उड़ाना मनोरंजन का साधन बना रहना चाहिए. सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली लापरवाह प्रतिस्पर्धा या इससे जुड़ी जुए जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, “ऐसी हर त्रासदी के पीछे एक ऐसा परिवार होता है, जिसकी दुनिया उजड़ जाती है. न माफी, न मुआवजा और न ही कोई सजा उस जिंदगी को वापस ला सकती है, जो खो चुकी है. हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी त्रासदियों को रोका जाए.”
परमेश्वर ने जोर देकर कहा कि Government प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने और उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराने के लिए सख्त कदम उठाएगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जनता के सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के बिना केवल कानूनी कार्रवाई से ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना संभव नहीं होगा. उन्होंने लोगों से खतरनाक मांझे का इस्तेमाल नहीं करने और व्यक्तिगत मनोरंजन से ऊपर दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की.
इस बीच, 38 वर्षीय महिला की मौत के बाद कर्नाटक Police ने हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. Police दुकानों और गोदामों में छापेमारी कर रही है, मांझे का स्टॉक जब्त कर रही है और कारोबारियों को प्रतिबंधित सामग्री नहीं बेचने की चेतावनी दे रही है. मृतका की पहचान हुबली की रहने वाली विद्या मंजुनाथ गौडर के रूप में हुई है. वह पेशे से प्रयोगशाला तकनीशियन थीं. Thursday को हुबली के कारवार रोड पर स्कूटर से जाते समय उनके गले में कांच की परत चढ़ा पतंग का मांझा उलझ गया, जिससे उनका गला कट गया और उनकी मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार, विद्या शिवशंकर कॉलोनी के पास से गुजर रही थीं, तभी लटकता हुआ मांझा उनके गले में फंस गया. धारदार धागे से उनका गला कट गया, जिससे उनकी जान चली गई. इस घटना के बाद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
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डीएससी
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