
एम्स्टर्डम, 28 अगस्त . नीदरलैंड्स (डच) और अर्जेंटीना Saturday को एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में भिड़ेंगी. दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले के बाद जीत हासिल की है. यह 2022 के विश्व कप फाइनल का रीमैच होगा, जिसमें नीदरलैंड्स ने बाजी मारी थी.
मेजबान नीदरलैंड्स ने पहले सेमीफाइनल में सह-मेजबान बेल्जियम को 1-0 से हराया, जबकि Thursday रात दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से मात दी. एम्स्टर्डम में तीन बार की डिफेंडिंग चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में बेल्जियम को कमजोर माना जा रहा था. हालांकि, उन्होंने जबरदस्त शुरुआत की और पहले क्वार्टर में नीदरलैंड्स टीम को कड़ी टक्कर दी.
हाफ-टाइम से ठीक पहले घरेलू टीम ने काउंटर-अटैक करते हुए बढ़त बनाई. 28वें मिनट में शानदार बिल्ड-अप के बाद फ्रेडरिक माटला ने एक हाथ से डिफ्लेक्शन करके अपनी टीम को बढ़त दिलाई. हाफ खत्म होने में 9 सेकंड बाकी रहते बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वे बराबरी करने का मौका नहीं भुना पाए.
मैच का दूसरा हाफ भी काफी रोमांचक रहा. समय खत्म होने से ठीक पहले बेल्जियम को लगा कि उसने बराबरी का गोल कर दिया है. 18 वर्षीय फामके वैन हील ने शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया. हालांकि, वीडियो रिव्यू के बाद इस गोल को रद्द कर दिया गया. इससे नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों और दर्शकों ने राहत की सांस ली. इसके साथ ही नीदरलैंड्स ने लगातार आठवीं बार वर्ल्ड कप फाइनल में अपनी जगह बना ली है.
दूसरे सेमीफाइनल का पहला हाफ काफी कड़ा और संतुलित रहा. दोनों टीमों को ज्यादा मौके नहीं मिले. अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया ने पांच-पांच बार विरोधी टीम के सर्कल में प्रवेश किया और दोनों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर भी मिला. तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया और कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन टीम बढ़त हासिल नहीं कर सकी. दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया को भी एक शानदार मौका मिला, लेकिन अर्जेंटीना की गोलकीपर क्रिस्टीना कोसेंटिनो ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया.
आखिरकार ‘लास लियोनास’ (अर्जेंटीना टीम) को पेनल्टी कॉर्नर वेरिएशन से सफलता मिली, जब 47वें मिनट में जूलिएटा जंकुनास ने गोल किया. इससे दर्शकों में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थक जोश से भर गए – और उनके लिए जश्न मनाने का एक और मौका तब आया जब कोसेंटिनो ने आखिरी समय के बीच में ऑस्ट्रेलिया के दो पेनल्टी कॉर्नर प्रयासों को रोक दिया.
मैच खत्म होने में सिर्फ 17 सेकंड बचे थे, तब ऑस्ट्रेलिया बराबरी के बहुत करीब पहुंच गया था. हालांकि, गोल की ओर जा रही गेंद कप्तान ग्रेस स्टीवर्ट की स्टिक से नहीं लग सकी. इसके साथ ही अर्जेंटीना ने 1-0 से जीत दर्ज कर सातवीं बार वर्ल्ड कप फाइनल में अपनी जगह बना ली.
इससे पहले, स्पेन ने चीन को शूटआउट में हराकर सातवां स्थान हासिल किया. स्पेन ने पहले क्वार्टर के हूटर से कुछ सेकंड पहले बढ़त बना ली, जब मार्टा सेगु का गलत शॉट गोल में चला गया. चीन ने दूसरे क्वार्टर के आखिरी पलों में मैच में वापसी की. क्वार्टर खत्म होने में सिर्फ दो सेकंड बचे थे, तब अनहुई यू ने सर्कल के किनारे से शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गोल किया और हाफ-टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.
तीसरे क्वार्टर में चीन का दबदबा रहा और टीम ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन वह बढ़त हासिल नहीं कर सकी. दूसरी ओर, स्पेन की गोलकीपर क्लारा पेरेज ने बेहतरीन बचाव करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा. निर्धारित समय तक दोनों टीमों में से कोई भी विजयी गोल नहीं कर सकी, जिसके बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया. शूटआउट में दोनों टीमों के कई प्रयास नाकाम रहे, लेकिन आखिर में स्पेन ने 1-0 से जीत हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया.
इंग्लैंड ने अमेरिका को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में नौवां स्थान हासिल किया. मैच के सभी चार गोल पेनल्टी कॉर्नर पर हुए. एलिजाबेथ नील ने इंग्लैंड के लिए पहला गोल किया, लेकिन दूसरे क्वार्टर में राइली हेक ने गोल करके स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया. हालांकि, सिर्फ पांच मिनट बाद लिली ओव्सली ने पेनल्टी कॉर्नर की शानदार रणनीति पर गोल दागकर इंग्लैंड को फिर से बढ़त दिला दी. दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने अपना दबदबा बनाए रखा और 55वें मिनट में टेसा हॉवर्ड ने टीम के लिए तीसरा गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया.
जापान ने स्कॉटलैंड को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में 11वां स्थान हासिल किया. मैच के 11वें मिनट में मियू सुजुकी ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके जापान को बढ़त दिलाई. इसके बाद आखिरी क्वार्टर में अकारी नाकागोमी ने शानदार डिफ्लेक्शन के जरिए गोल कर जापान की बढ़त 2-0 कर दी. मैच के अंतिम मिनटों में स्कॉटलैंड ने वापसी की कोशिश की. गोलकीपर को हटाने के बाद टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर एली मैकेंजी ने गोल करके अंतर 2-1 कर दिया. हालांकि, मैच खत्म होने से 34 सेकंड पहले स्कॉटलैंड को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन जापान ने उसका सफलतापूर्वक बचाव किया और 2-1 से जीत दर्ज कर ली.
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एसएम/एएस
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