
New Delhi, 17 अक्टूबर . महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराते हुए First Information Report दर्ज करने की मांग की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर 2026 को Supreme Court परिसर में रिपोर्टिंग के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, धमकाया गया और आपराधिक बल का इस्तेमाल किया गया. पत्रकार के अनुसार, घटना के समय वह लगभग 11 सप्ताह की गर्भवती थीं.
वनइंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत ऋचा पराशर ने New Delhi जिले के Police उपायुक्त (डीसीपी) को दी शिकायत में घटना की विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच करने की मांग की है.
शिकायत के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम करीब 6:30 बजे ऋचा Supreme Court परिसर में रजिस्ट्री काउंटर के पास एक याचिका से जुड़ी खबर की कवरेज कर रही थीं. इसी दौरान राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा समूह परिसर में पहुंचा. पत्रकार का आरोप है कि उन्होंने राहुल गांधी से Supreme Court परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया.
ऋचा ने शिकायत में दावा किया है कि धक्का लगने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ीं. गिरने के दौरान उनके हाथों में चोट आई. उन्होंने मदद की गुहार लगाने और करीब 40 मिनट तक सहायता का इंतजार करने का भी दावा किया है. उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया.
शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद पेट के निचले हिस्से में दर्द होने पर उन्हें उसी रात दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया. अगले दिन, 13 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया. शिकायतकर्ता के मुताबिक, मेडिकल रिकॉर्ड में गर्भावस्था के 11 सप्ताह तीन दिन होने और गिरने के बाद पेट में दर्द की जानकारी दर्ज है. उनकी जांच की गई और भ्रूण की हृदय गतिविधि देखने के लिए अल्ट्रासाउंड भी कराया गया.
ऋचा ने बीएनएस की धारा 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) के तहत कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने Police से राहुल गांधी सहित घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज कर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने का अनुरोध किया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य अपराधों के लिए भी संबंधित कानूनी प्रावधान जोड़े जाएं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस मामले में Police की कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है.
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डीएससी
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