
Mumbai , 27 अक्टूबर . Maharashtra साइबर विभाग ने 4.97 लाख रुपए के ऑनलाइन शेयर बाजार निवेश धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में अधिकारियों ने Tuesday को जानकारी दी.
अधिकारियों के मुताबिक, 42 वर्षीय कल्याण ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसे social media विज्ञापन और ‘ब्रेकथ्रू कम्युनिकेशन’ नाम से संचालित व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संपर्क किया गया था और उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग एप्लिकेशन में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था.
शिकायत के मुताबिक, यह धोखाधड़ी 25 अगस्त से 23 सितंबर के बीच हुई. इस दौरान कल्याण को social media पर ‘सस्केहाना इंटरनेशनल ग्रुप’ से जुड़ा एक विज्ञापन दिखा, जिसके बाद वे एक वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल हो गए.
अधिकारियों ने बताया, “शिखा शर्मा ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया, निवेश संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया और उसे एक ट्रेडिंग एप्लिकेशन के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया. इन बातों को विश्वसनीय मानते हुए शिकायतकर्ता ने कुल 4.97 लाख रुपए आठ अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिए.”
वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह होने पर कल्याण ने 27 सितंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से मामले की सूचना दी. इसके बाद Maharashtra साइबर के नोडल साइबर Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत First Information Report दर्ज की गई.
अधिकारियों ने बताया कि Maharashtra साइबर विभाग ने वित्तीय लेन-देन का पता लगाने और धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू की. इस दौरान Police ने बैंकिंग लेनदेन और कई खातों में धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन की जांच की. जांच में पता चला कि धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित की गई थी.”
अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच से पता चला कि निखिल कांबले के खाते में प्राप्त धनराशि कैश में निकाली गई और एक मध्यस्थ के माध्यम से आरोपी मोहम्मद अली कपाडिया को सौंप दी गई.
26 अक्टूबर को मोहम्मद अली कपाडिया (23) जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुआ. पूछताछ के दौरान, धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन में नकदी प्राप्त करने और उसे ठिकाने लगाने में उसकी भूमिका की जांच शुरू हुई. अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.
उन्होंने बताया कि जांच से यह भी संकेत मिलता है कि आरोपी ने साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन की निकासी को सुविधाजनक बनाने के लिए अन्य व्यक्तियों के साथ समन्वय किया हो सकता है.
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एएसएच/
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