
लातूर, 23 सितंबर . पिछले छह हफ्तों से बारिश न होने के चलते Maharashtra में सूखे की स्थिति गहराती जा रही है. इसी दौरान Chief Minister देवेंद्र फडणवीस Wednesday को मराठवाड़ा के लातूर में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे. उन्होंने खेतों में जाकर फसल के नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से सीधे बातचीत की.
खेत में ही मीडिया से बात करते हुए Chief Minister ने भरोसा दिया कि राहत के कामों में पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी.
लंबे समय तक बारिश न होने से मराठवाड़ा में बड़े पैमाने पर फसलें खराब हो गई हैं. किसानों को पीने के पानी और पशुओं के चारे की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में किसान तुरंत आर्थिक मदद और आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं.
Chief Minister फडणवीस ने कहा, “Government ने इस गंभीर सूखे की स्थिति को बहुत गंभीरता से लिया है और इससे निपटने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. हम इस संकट में मजबूती से किसानों के साथ खड़े हैं. चल रही किसान कर्ज माफी योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी और हम अतिरिक्त फंड जुटा रहे हैं ताकि राहत के संसाधनों में कोई कमी न हो.”
Chief Minister ने साफ किया कि राज्य Government केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना किसानों को तुरंत सहायता देगी, उसके बाद एनडीआरएफ के नियमों के अनुसार केंद्र से आर्थिक मदद मांगी जाएगी.
प्रभावित इलाकों में सूखा घोषित करने की औपचारिक अधिसूचना Saturday तक जारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रभावित जिलों में पीने के पानी के वितरण और पशुओं के लिए चारा सप्लाई के लिए पूरी योजना बना ली गई है.
मराठवाड़ा में पानी की कमी को स्थायी रूप से दूर करने के लिए Government कोल्हापुर और सांगली के अतिरिक्त पानी को उजनी डैम में लाने की योजना बना रही है, ताकि वह सीधे मराठवाड़ा तक पहुंचे. इसको लेकर विश्व बैंक से बातचीत चल रही है और दिसंबर तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आने की उम्मीद है.
पिछली Government पर मराठवाड़ा वाटर ग्रिड प्रोजेक्ट को रोकने का आरोप लगाते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि लंबे समय के जल ढांचे को फिर से खड़ा करना उनकी प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा, “किसानों को तुरंत राहत देना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है” और प्रभावित इलाकों में खेती की स्थिरता को वापस लाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
इस बीच, उपChief Minister एकनाथ शिंदे अकोला और बुलढाणा जिलों के खेतों का दौरा करेंगे और उन किसानों से मिलेंगे जिनकी फसलें बारिश न होने से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
राज्य में सूखे जैसे हालात के बीच उपChief Minister और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने Wednesday को पार्टी के सभी मंत्रियों, पालक मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे खुद किसानों के खेतों में जाकर फसल के नुकसान का आकलन करें.
उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि इस प्राकृतिक संकट के समय किसानों को अकेला न छोड़ें. उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों से किसानों की समस्याओं को सीधे समझने, प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और तुरंत प्रशासनिक मदद सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से फॉलोअप करने का आग्रह किया.
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पीएम
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