महाराष्ट्र नवंबर के पहले सप्ताह में जारी करेगा अलग रासायनिक उद्योग नीति: सीएम फडणवीस

Mumbai , 22 अक्टूबर . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Thursday को कहा कि राज्य Government रासायनिक उद्योग के लिए एक समर्पित नीति तैयार कर रही है, जिसे नवंबर के पहले सप्ताह में आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा. इस नीति के तहत पालघर जिले के वधावन बंदरगाह क्षेत्र में एक बड़े रासायनिक औद्योगिक केंद्र को विकसित करने की योजना है.

Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने इंडिया केम 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नई नीति का उद्देश्य उद्योगों की बदलती जरूरतों को पूरा करना, निवेश के अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित करना और राज्य में रासायनिक उद्योग के विस्तार को गति देना है.

Chief Minister ने कहा कि Maharashtra में रासायनिक उद्योग की करीब 3,600 इकाइयां हैं. देश के रासायनिक क्षेत्र के सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में राज्य की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय रासायनिक निर्यात में Maharashtra का योगदान 17 प्रतिशत है.

उन्होंने कहा कि मैत्री और इन्वेस्ट Maharashtra जैसे सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य Government निवेशकों को मंजूरी दिलाने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बना रही है.

फडणवीस ने बताया कि Maharashtra में रासायनिक क्षेत्र वर्तमान में लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार देता है. नई नीति के तहत रोजगार के अवसरों को दोगुना करने की क्षमता है.

Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने इस अवसर पर बीना में 50,000 करोड़ रुपये की पेट्रोकेमिकल परियोजना का उल्लेख किया. उन्होंने प्लास्टिक और गैस आधारित औद्योगिक पार्कों के विस्तार की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला.

वहीं, Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने कहा कि उनका राज्य खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से रासायनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. इसके लिए तटीय बंदरगाहों की क्षमता का उपयोग करते हुए ग्रीन हाइड्रोजन, पेट्रोकेमिकल और उर्वरक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है.

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र Government अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देकर रासायनिक उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

नड्डा ने बताया कि India का रासायनिक उद्योग फिलहाल लगभग 220 अरब डॉलर का है. Government का लक्ष्य वर्ष 2040 तक इसे एक लाख करोड़ डॉलर और 2047 तक 1.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना है.

उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क योजना के तहत केंद्र Government प्रत्येक पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक की सहायता दे रही है. इसके लिए राज्य Governmentों को कम से कम 500 करोड़ रुपये का योगदान देना होगा, ताकि विश्वस्तरीय औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जा सके.

नड्डा ने यह भी बताया कि केंद्र Government ने उन्नत रसायनों को एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष में शामिल किया है. उन्होंने औद्योगिक सुरक्षा, खतरनाक रसायनों के सुरक्षित प्रबंधन, श्रमिकों के प्रशिक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और प्लास्टिक पुनर्चक्रण के बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और Gujarat के राज्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने नियमों के अनुपालन को आसान बनाने और उद्योगों को नियामकीय सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया.

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डीएससी