
Mumbai , 5 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख मतदाताओं को लेकर Supreme Court की कार्रवाई पर पूर्व न्यायाधीश जस्टिस नरीमन की ओर से सवाल उठाए जाने के मुद्दे पर भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया. उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है और यह कानून के तहत होने वाली प्रक्रिया है. इसके साथ ही, उन्होंने राज ठाकरे के चुनाव आयोग के खिलाफ ‘गर्जना मार्च’, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के भारत-Pakistan संबंधी बयान और कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर भी टिप्पणी की.
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव द्वारा सार्वजनिक रूप से सराहना किए जाने और राहुल गांधी की ओर से ऐसी सार्वजनिक पोस्ट नहीं किए जाने को लेकर अतुल भातखलकर ने सवाल उठाया. उन्होंने सवाल किया कि अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव ने कैप्टन की बहादुरी की तारीफ करने में इतना समय क्यों लगाया. भाजपा विधायक ने कहा कि राहुल गांधी अभी भी इस मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अल्पसंख्यक मतों को ध्यान में रखकर राजनीति करते हैं और इसी वजह से उन्होंने कैप्टन की प्रशंसा नहीं की.
चुनाव आयोग के खिलाफ राज ठाकरे के ‘गर्जना मार्च’ पर अतुल भातखलकर ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि Maharashtra और देश की जनता ने महाविकास अघाड़ी का बहिष्कार किया है और इसी वजह से विपक्ष चुनाव और चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है. विपक्ष चुनाव का बहिष्कार करे या चुनाव में हिस्सा ले, जनता का बहिष्कार उनके खिलाफ कायम है. चुनाव में हार मिलने पर चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि जीत मिलने पर यही चुनाव आयोग और ईवीएम सही बताए जाते हैं. तमिलनाडु में विजय की जीत के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को अच्छा बताया गया, जबकि केरल में कांग्रेस की जीत के समय एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया. उन्होंने राज ठाकरे के मार्च को ‘नौटंकी’ बताते हुए इसे ‘रुदाली मोर्चा’ करार दिया और कहा कि जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है.
भारत-Pakistan को लेकर मणिशंकर अय्यर के बयान पर भाजपा विधायक ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मणिशंकर अय्यर बार-बार India विरोधी और Pakistan के पक्ष में बयान देने के लिए जाने जाते हैं. अय्यर के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने Pakistan जाकर Prime Minister Narendra Modi को हटाने की बात कही थी. उन्होंने 2013 में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान Narendra Modi को लेकर दिए गए अय्यर के कथित बयान का भी उल्लेख किया. भाजपा विधायक ने कहा कि मणिशंकर अय्यर जैसे व्यक्ति के बयानों पर ज्यादा चर्चा कर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है.
पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख मतदाताओं को लेकर Supreme Court की कार्रवाई पर जस्टिस नरीमन द्वारा सवाल उठाए जाने के मुद्दे पर अतुल भातखलकर ने कहा कि पश्चिम बंगाल हो या देश का कोई अन्य हिस्सा, एसआईआर प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय ने मान्यता दी है. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे एसआईआर पहली बार हो रहा हो, जबकि यह प्रक्रिया हर 10-15 वर्ष के बाद होती है. केरल में चुनाव के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर की प्रशंसा की थी, जबकि बिहार के मामले में उन्होंने चुप्पी साध ली. यदि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश भी इस तरह की बातें करते हैं तो यह आपत्तिजनक है. एसआईआर कानून के तहत वैध प्रक्रिया है और चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है. चुनाव आयोग का काम योग्य लोगों के नाम मतदाता सूची में रखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है और एसआईआर इसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
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