महबूबा मुफ्ती का दावा: पीडीपी-भाजपा शासन में युवाओं के खिलाफ 14,000 मामले वापस लिए गए

श्रीनगर, 4 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर की पूर्व Chief Minister और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने Sunday को कहा कि पीडीपी-भाजपा शासन के दौरान युवाओं के खिलाफ 14,000 मामले वापस लिए गए.

Sunday को यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीडीपी प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली Government पर निशाना साधते हुए दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पूर्व Chief Minister मुफ्ती मोहम्मद सईद के दृष्टिकोण को नहीं समझ सकती.

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन में रहते हुए शांति और युवा भागीदारी के लिए कई कदम उठाए थे.

पीडीपी-भाजपा Government का जिक्र करते हुए महबूबा ने दावा किया कि गठबंधन ने संघर्ष विराम कराने में मदद की थी और उस दौरान लगभग 14,000 युवाओं के खिलाफ मामले वापस लिए गए थे.

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उमर अब्दुल्ला की मौजूदा Government जम्मू-कश्मीर की युवा पीढ़ी के लिए इसी तरह के कदम उठा सकती है. महबूबा ने जम्मू-कश्मीर में व्याप्त भय के माहौल पर चिंता व्यक्त की.

उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को social media पर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि सभी Political दलों को युवा पीढ़ी की चिंताओं को दूर करने और युवाओं को मानसिक तनाव और अनिश्चितता से उबरने में मदद करने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है.

महबूबा ने युवाओं के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान और जम्मू-कश्मीर के युवाओं में आत्मविश्वास बहाल करने के लिए सामूहिक Political दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया.

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस बार गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है और हमें इनका समाधान करना होगा.

उन्होंने कहा कि अगर किसी युवा के दादा या पिता उग्रवाद में शामिल रहे हों, तो उसे जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. अगर लोग दूसरे राज्यों से चीन जा सकते हैं, तो हम लद्दाख के रास्ते चीन क्यों नहीं जा सकते और अपने युवाओं को एक नई दुनिया क्यों नहीं दिखा सकते?

महबूबा ने Government से जम्मू-कश्मीर के प्रति अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने और युवाओं को बिना किसी डर के नई हवा में सांस लेने देने का आग्रह किया.

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एमएस/