मस्जिद-मदरसे गिराकर इस्लाम और मुसलमानों को खत्म नहीं किया जा सकता: मौलाना मुश्ताक

हैदराबाद, 28 अक्टूबर . तेलंगाना के हैदराबाद स्थित तहरीक मुस्लिम शब्बान संगठन के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने मस्जिदों और मदरसों को गिराए जाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों को इस तरह की कार्रवाइयों से खत्म नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही उन्होंने देश में लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था और India की वैश्विक छवि को लेकर भी चिंता व्यक्त की.

मौलाना मलिक ने से बात करते हुए कहा, “2014 से देश में भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की Government है. यह Government मुसलमानों की मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों को ध्वस्त करके यह मान रही है कि इससे इस्लाम या मुसलमान खत्म हो जाएंगे. इस तरह की सोच रखने वाले लोग न तो दुनिया के इतिहास से वाकिफ हैं और न ही शायद अपने इतिहास से.

मौलाना ने आगे कहा कि मुस्लिम-बहुल इलाकों और शहरों के नाम बदलकर, मस्जिदों और मदरसों को गिराकर यह समझना कि India से मुसलमानों को डराया, धमकाया या खत्म किया जा सकता है, गलतफहमी है.

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 2000 से ज्यादा मस्जिदों और मदरसों को गिराया जा चुका है. उन्होंने कहा कि कुरान में स्पष्ट रूप से कहा गया है, ‘इन्ना दीन इंदल्लाही अल-इस्लाम’, यानी अल्लाह के नजदीक पसंदीदा दीन इस्लाम है. जिस मजहब को अल्लाह ने पसंद किया है, उसे Prime Minister Narendra Modi, गृहमंत्री अमित शाह या आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या कोई और खत्म नहीं कर सकता. यह मजहब हमेशा बाकी रहेगा और मुसलमान इस देश में पूरी शान और सम्मान के साथ जिंदा रहेगा. मुसलमानों को खत्म नहीं किया जा सकता.

मौलाना मलिक ने कहा कि India एक संविधान और कानून से चलने वाला देश है और यह देश लोकतंत्र पर आधारित है. यदि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जाएगा, तो जो लोग लोकतंत्र के परखच्चे उड़ा रहे हैं, उनकी Political जिंदगी और उनके पूरे तंत्र के भी परखच्चे उड़ जाएंगे. मुसलमानों को डराया और धमकाया नहीं जा सकता. वर्तमान में जो कुछ हो रहा है, वह देश के हित में नहीं है.

उन्होंने कहा कि इस तरह से देश नहीं चल सकता और न ही इस तरह से देश तरक्की कर सकता है. सत्ताधारियों को होश से काम लेना चाहिए. मस्जिदों को गिराकर इस्लाम और मुसलमानों को डराया नहीं जा सकता.

–

पीआईएम/पीएम