मराठी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए ‘मनसे’ लड़ेगी कानूनी लड़ाई

Mumbai , 29 अगस्त . Maharashtra Government ने रिक्शा और ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दिया है, लेकिन इस फैसले से Maharashtra नवनिर्माण सेना (मनसे) सहमत नहीं है. मनसे इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगी और कानूनी तौर पर अपना पक्ष रखेगी.

Maharashtra Government के इस ऐलान के बाद कई जगहों पर ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों ने जश्न मनाया. इसी जश्न के बाद मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर Monday को बैठक बुलाई है.

मनसे मराठी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी. पार्टी की परिवहन शाखा Saturday को इस मामले को लेकर वकीलों के साथ बैठक करेगी. बैठक के बाद राज ठाकरे Monday को बड़ी मीटिंग करेंगे और अगले कदम का ऐलान करेंगे.

वहीं, Chief Minister देवेंद्र फडणवीस द्वारा मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दिए जाने के बाद ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों में खुशी है.

एक ऑटो ड्राइवर ने से बातचीत में Friday को कहा था, “यह बहुत अच्छी बात है. यह एक अच्छा कदम है. मैं 24 साल से गाड़ी चला रहा हूं और मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई. अगर मुझे मराठी नहीं आती, तो यात्री खुद ही हिंदी में बात करने लगते हैं, लेकिन मराठी सीखना अच्छी बात है.”

उत्तर प्रदेश से आए एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा था, “हम यूपी से हैं. Government ने जो मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाई है, वह बहुत अच्छा फैसला है. हम इतने समय में आराम से मराठी सीख जाएंगे. हालांकि, अभी भी हमें कोई दिक्कत नहीं होती है. यात्री ज्यादातर हिंदी समझ लेते हैं.”

एक अन्य ड्राइवर ने कहा था, “इतने समय से टैक्सी चला रहे हैं तो काफी हद तक मराठी समझ आती है. बस बोलने में थोड़ा दिक्कत होता है. एक साल का समय काफी है, हम कोशिश करेंगे कि अच्छे से बोलना भी सीख लें.”

एक और ड्राइवर ने कहा था, “ज्यादातर लोगों को हिंदी आती है तो हमें उतनी दिक्कत नहीं होती है. कई बार हम टूटी-फूटी मराठी बोलते हैं तो भी सामने वाला हिंदी में जवाब देता है. लेकिन अगर Government कह रही है तो हम सीख लेंगे. इससे हमारा ही फायदा है.”

एएस