मराठा आरक्षण के लिए सिर्फ छत्रपति परिवार के हस्ताक्षर ही नहीं, बल्कि कानूनी समर्थन की भी जरूरत: महाराष्ट्र के मंत्री

सतारा, 14 सितंबर . Maharashtra के लोक निर्माण मंत्री और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने Monday को कहा कि मराठा आरक्षण का मुद्दा सिर्फ छत्रपति परिवार के हस्ताक्षर से हल नहीं हो सकता. इसके लिए कानूनी ढांचा तैयार करना, न्यायिक प्रक्रियाओं से गुजरना और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करना जरूरी है.

उन्होंने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल से भी अपील की कि वे आरक्षण के लिए चल रही कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें.

मीडिया से बात करते हुए मंत्री भोसले ने कहा कि राज्य Government मराठा समुदाय को आरक्षण देने को लेकर बहुत सकारात्मक है. हालांकि, समुदाय को धोखा देने वाला जल्दबाजी में लिया गया कोई अस्थायी फैसला करने के बजाय, कानूनी रूप से मजबूत आरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है जो अदालत में टिक सके.

उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी जरूरी सबूत इकट्ठा किए बिना और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी किए बिना, आरक्षण लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा.

उन्होंने कहा, “इस पूरी प्रक्रिया को जस्टिस शिंदे कमेटी के काम, रिटायर्ड जजों की सलाह और न्यायिक जांच से गुजरना होगा. यह सच्चाई समझनी होगी कि यह मामला रातों-रात हल नहीं होगा, सिर्फ इसलिए कि छत्रपति परिवार का कोई व्यक्ति इस पर साइन कर दे.”

मराठा आरक्षण के लिए लगातार लड़ रहे जारांगे पाटिल से अपील करते हुए मंत्री भोसले ने कहा कि Government यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि आरक्षण कानूनी रूप से टिके. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धैर्य रखने और चल रही कानूनी प्रक्रिया में प्रशासनिक सहयोग देने का आग्रह किया ताकि मराठा समुदाय को अधिकार के तौर पर स्थायी आरक्षण मिल सके.

मंत्री का यह बयान जारांगे पाटिल द्वारा 19 सितंबर से Mumbai में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा के बाद आया है. झुकने से इनकार करते हुए, जारांगे पाटिल ने समुदाय से मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा, “हम मराठा समुदाय को हारने नहीं दे सकते. मेरा शरीर जहां भी गिरे, गिरे. लेकिन मराठों को इतने गर्व के साथ लड़ना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियां गर्व से सिर ऊंचा करके कहें कि वह शहीद हुए लेकिन कभी पीछे नहीं हटे. मैं सड़-गलकर मरना नहीं चाहता; मैं अपने समुदाय को अधिकार दिलाते हुए मरना चाहता हूं. हमें समुदाय की गरिमा को जरा भी कम नहीं होने देना चाहिए.”

समुदाय को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए, जारांगे पाटिल ने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा और आंदोलन को दबाने की Political चाल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “हमें देवेंद्र फडणवीस की हर चाल का मुक़ाबला करना होगा. उनकी रणनीति रही है कि देवी-देवताओं की आड़ लेकर मराठा आंदोलन को बदनाम किया जाए, घुसपैठियों के जरिए दंगे भड़काए जाएं और फिर Police बल का इस्तेमाल करके विरोध को कुचल दिया जाए. मराठा समुदाय में नेताओं की कोई कमी नहीं है. अगर एक नेता नहीं, तो दूसरा नेता सामने आ जाएगा. जो हमें आरक्षण देगा, उसे ही वोट दें. किसी पार्टी या नेता के लिए आपकी निजी पसंद बेकार है अगर वे आपके बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकते.”

उन्होंने आगे कहा कि 5.5 करोड़ कामकाजी मराठा किसी भी समय Mumbai को ठप कर सकते हैं; उन्होंने इनकी तुलना उन अमीर और Political रूप से प्रभावशाली लोगों से की जो आबादी का बहुत छोटा हिस्सा हैं.

एससीएच/डीएससी